“चंबल” का जल, “पीतांबरा” की माटी लेकर पवैया अयोध्या रवाना, कहा- मेरे लिए सौभाग्य की बात

ग्वालियर, अतुल सक्सेना

अयोध्या में बनने जा रहे भव्य राम मंदिर के भूमि पूजन में चंबल नदी का पवित्र जल और प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ शक्ति पीठ दतिया की पावन माटी भी शामिल होगी। जल और माटी का कलश लेकर पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया सोमवार को रवाना हो गए। वे जल कलश और माटी कलश ट्रस्ट को सौंपेंगे। जिसे मंदिर की बुनियाद में डाला जायेगा।

राम मंदिर आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले बजरंग दल के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रखर हिंदू वादी नेता, वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया राम मंदिर भूमि पूजन समारोह में शामिल होंगे उन्हें ट्रस्ट की तरफ से बुलावा आया है। पूर्व मंत्री ने बताया कि मुझे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज ने इस मंगल अवसर पर 4 से 6 अगस्त तक अयोध्या जी रहने का आदेश दिया है । उन्होंने बताया कि ये सौभाग्य की बात है कि श्रीराम के भव्य मंदिर की बुनियाद में ग्वालियर चंबल संभाग के लोगों की भावनाएं शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि मैं आज भी स्वयं को इस आंदोलन का एक कार्यकर्ता मानता हूँ और ऐसे में निमंत्रण या बुलावा जैसे शब्द सोचना भी मेरे लिए बेमानी है। आंदोलन से जुड़े लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी जैसे भाजपा के बड़े नेताओं को निमंत्रित नहीं किये जाने के सवाल पर पवैया ने कहा कि एक छोटे से सभा मंडप में पूरे भारत को समाहित कर पाना बहुत मुश्किल है इसलिए प्रतिनिधि के रूप में कुछ लोग ही शामिल हो रहे हैं और मेरा मानना है कि ऐसे शुभ आयोजन के अवसर पर किसी भी तरह की नकारात्मक और अपशकुनि बातें सोचना भी पाप के समान है । उन्होंने बताया कि वे 6 अगस्त तक अयोध्या जी में रहेंगे और जो सेवा कार्य मिलेंगा करेंगे क्योंकि मेरे जीवन के लिए ये सबसे बड़े सौभाग्य की बात है।