World Organ Donation Day : “अंगदान महादान” के संदेश के साथ अंगदान करने वालों का हुआ सम्मान

ग्वालियर (Gwalior) में अंगदान करने वाले परिजनों और अंग प्राप्त कर स्वस्थ हो रहे मरीजों का सम्मान किया गया। खास बात ये है कि अंग दान करने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक थी।

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। शास्त्रों में धर्म दान, ज्ञान दान, अर्थ दान, वस्त्र दान सहित कई अन्य दानों का महत्व बताया गया है। लेकिन आधुनिक युग में शास्त्रों में वर्णित दानों के अलावा कई दान ऐसे हैं जो बहुत महत्वपूर्ण है। नेत्रदान (eye donation) को महादान की संज्ञा दी गई लेकिन अब अंगदान (organ donation) को ही महादान कहा जा रहा है । विश्व अंगदान दिवस (World Organ Donation Day) के मौके पर ग्वालियर (Gwalior) में अंगदान करने वाले परिजनों और अंग प्राप्त कर स्वस्थ हो रहे मरीजों का सम्मान किया गया। खास बात ये है कि अंग दान करने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक थी।

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ईश्वर के बनाये शरीर में एक एक अंग का महत्व है, हालांकि विज्ञान खासकर मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की कर ली है फिर ईश्वर के बनाये शरीर की आंतरिक संरचना यानि अंगों का विकल्प बाजार में नहीं है इसीलिए जब किसी को किसी अंग के ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है तो वो मनुष्य से उपलब्ध हो पाता है। अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 13 अगस्त को विश्वभर में विश्व अंगदान दिवस (World Organ Donation Day) मनाया जाता है।

ग्वालियर में सिम्स मल्टीस्पेशीलिटी हॉस्पिटल ने विश्व अंगदान दिवस के मौके पर एक सम्मान समारोह आयोजित किया जिसमें उन्होंने अंगदान करने वाले परिजनों और मरीजों को सम्मानित किया। दरअसल सिम्स मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल अंचल का इकलौता ऐसा अस्पताल है जिसे किडनी ट्रांसप्लांट करने की अनुमति है। अस्पताल प्रबंधन ने इस विशेष मौके पर कुल आठ मरीजों और उनके लिए अंगदान करने वाले उनके परिजनों को सम्मानित किया। इनमें से पांच मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है और तीन का अगले महीने होगा। खास बात ये है कि अंगदान करने वाले लोगों में एक पुरुष(पिता) हैं शेष महिलाएं हैं इनमें एक पत्नी और पांच माँ हैं।

सिम्स हॉपस्पिल के संचालक डॉ नीरज शर्मा ने इस मौके पर कहा कि हमारे शास्त्रों में धर्म दान, ज्ञान दान, अर्थ दान, वस्त्र दान जैसे बहुत से दान का महत्व समझाया गया है लेकिन आज के इस आधुनिक युग में शास्त्रों में वर्णित दानों के साथ साथ अंगदान भी महत्वपूर्ण है। अंगदान अब महादान की श्रेणि में आ गया है। उन्होंने कहा कि एक ब्रेनडेड शरीर आठ लोगों का जीवन बचा सकता है इसलिए हमें लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करना है। इसके लिए सिम्स हॉस्पिटल मुहिम चलाये हुए है। शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

सिम्स हॉस्पिटल के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ सोनू सिंह पाटिल ने कहा कि लोगों में अंगदान के प्रति जागरूकता की कमी है जिसे बढ़ाने का प्रयास हॉस्पिटल के द्वारा लगातार किया जा रहा है जिसका नतीजा यह है कि हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना के अन्तर्गत 7 किडनी ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन सफलतापूर्वक किये जा चुके है और आगामी दिनों में 10 किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन जल्द ही किये जायेंगे। कार्यक्रम में हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ ओपी शुक्ला और किडनी ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर अमित सिंह चौहान विशेष रूप से मौजूद थे।

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