भड़काऊ पोस्ट डालने पर युवक गिरफ्तार, इधर, तमाशबीन बने जेल प्रहरी सस्पेंड

ग्वालियर । राम मंदिर से जुड़े मामले में फैसला आने से पहले और बाद में भी पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों से शांति और सौहार्द्र बनाये रखने की अपील कर रहे हैं बावजूद इसके कुछ शरारती तत्व इससे बाज नहीं आ रहे। ऐसे ही एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जो प्रतिबन्ध के बावजूद सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और वीडियो डाल रहा था। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने के मामले में ये पहली बड़ी कार्रवाई ग्वालियर पुलिस ने की है। उधर रोक के बावजूद आतिशबाजी चलाने के दौरान तमाशबीन बने एक जेल प्रहरी को भी निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बहोड़ापुर थाना पुलिस को किसी ने एक स्क्रीन शॉट भेजा जिसमें बताया गया कि राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक व्यक्ति शब्द प्रताप आश्रम के पास खड़े होकर व्हाट्स एप पर भड़काऊ वीडियो और पोस्ट शेयर कर रहा है। स्क्रीन शॉट मिलते ही पुलिस रवाना हुई और शब्द प्रताप आश्रम पर खड़े एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। युवक ने अपना नाम दिनेश सिंह चौहान बताया । पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास जो मोबाइल मिला उसमें वो हिन्दू सेना नाम के व्हाट्स एप ग्रुप पर भड़काऊ वीडियो और पोस्ट दाल रहा था । पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। 

आतिशबाजी के दौरान तमाशबीन बना जेल प्रहरी निलंबित

उधर राम मंदिर पर आये सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कुछ लोग ख़ुशी का इजहार करते हुए रोक के बावजूद सरस्वती शिशु मंदिर के पास आतिशबाजी चला रहे थे। इस दौरान केन्द्रीय जेल ग्वालियर में पदस्थ प्रहरी महेश अवाड वहां खड़ा होकर उन्हें रोकने की जगह तमाशबीन बना रहा। जेल प्रशासन ने इसे उसकी सहभागिता माना और जेल अधीक्षक मनोज साहू ने सिविल सेवा आचरण अधिनियम की धाराओं और जेल नियमावली के प्रावधानों को आधार मानते हुए तत्काल प्रब्जाव से निलंबित कर दिया। ये कार्रवाई भी प्रदेश की पहली इस तरह की कार्रवाई बताई जा रही है।