इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के मुख्य प्रवेशद्वार पर आज सुबह से ही बड़ी संख्या में नर्सेस एसोसिएशन (Nurses Association) से जुड़े नर्सो ने जमकर हंगामा कर नारेबाजी की। दरअसल, नर्सेस की प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरु हो गई और इंदौर सहित समूचे प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा नर्सेस अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite Strike) पर है। हड़ताल का असर इंदौर में भी देखा गया यहां एम. वाय. सहित सभी सरकारी अस्पताल की नर्सें हड़ताल पर है।

गौरतलब है कि अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर नर्सेस एसोसिएशन ने हड़ताल की है और सोमवार को विरोध के चलते सामूहिक अवकाश भी लिया गया था दरअसल, लगातार आंदोलन के बावजूद भी प्रदेश सरकार ने नर्सेस एसोसिएशन से अब तक कोई चर्चा नहीं की जिसके बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है और उसी का परिणाम आज बुधवार को  विरोध के रूप में देखने को मिला।

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नर्सेज एसोसिएशन की नीता चौरसिया ने बताया कि कोविड काल के दौरान कोरोना वारियर्स का जो सम्मान दिया गया और केंद्र की मोदी सरकार ने वादा किया था कि 100 दिन तक लगातार काम करने वालों को स्थायी नौकरी दे दी जाएगी लेकिन प्रदेश के मामा सीएम शिवराज सिंह चौहान उन वादों को भुलाकर नर्सेस को बाहर का रास्ता दिखाने के लेटर जारी कर रहे हैं। ऐसे में हमारी मांग है कि नर्सेस के साथ इस तरह का व्यवहार करने के बजाय उन्हें अस्थायी से स्थायी करे जिसके बाद हम सरकार के हमेशा आभारी रहेंगे। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल से हम लोग काम कर रहे हैं। इधर, नर्सेस  एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र पाठक ने कहा कि समान कार्य समान वेतन सहित सरकार हमारी मांगों को पूरा करे ताकि नर्सेस काम पर लौट सकें ।

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