बेबसी! असम के रहने वाले इंजीनियर की इंदौर में कोरोना से मौत, परिवार को वीडियो कॉल कर पुलिस ने किया अंतिम संस्कार

इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश (MadhyaPradesh) की आर्थिक राजधानी इंदौर (Indore) में कोरोना संकट के दौर खाकी के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे है। कभी यहां वर्दीधारी पुलिस मास्क के नाम पिता की पिटाई मासूम बेटे के सामने करती नजर आती है तो कभी यहां का पुलिस जवान पलायन करने वाले मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान करता नजर आता है। ये ही वजह है कि मध्यप्रदेश की इंदौर पुलिस (Indore Police) अन्य स्थानों की पुलिस से थोड़ी जुदा है। इन्ही के चलते इंदौर पुलिस एक बार फिर चर्चाओं में है।

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दरअसल, इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में स्थित स्कीम नंबर 134 में रहने वाले निजी कंपनी के इंजीनियर की मौत कोरोना के कारण हो गई। इंजीनियर का नाम प्रांजू मोहन सामने आया है जो मूल रूप से असम के देकगांव जोरहट का रहने वाला था। हुआ यूं कि इंदौर में अकेले रहने वाले प्रांजू को हाल ही में कोरोना महामारी ने चपेट में ले लिया था। जिसके बाद कंपनी के कर्मचारी उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश करते रहे लेकिन बेड नही मिला और रविवार को प्रांजू इंदौर में अपने घर पर दम तोड़ दिया।

मिली जानकारी के मुताबिक प्रांजू के फेफड़ो में 75 प्रतिशत तक संक्रमण फैल चुका था और तमाम प्रयासों के बावजूद आखिरकार मूलतः असम (Assam) में रहने वाले प्रांजू मोहन को नहीं बचाया जा सका। जिसके बाद बात आई मृतक के अंतिम संस्कार की, तो सवाल ये उठा कि प्रांजू की पत्नि समेत पूरा परिवार असम में है ऐसे में अंतिम संस्कार कौन करेगा ? लिहाजा, इस मामले की जानकारी खजराना थाना प्रभारी दिनेश वर्मा को लगी तो उन्होंने निगम की टीम के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी करवाई। इतना ही नही उन्होने असम में रहने वाली प्रांजू की पत्नि को वीडियो कॉल कर शव दिखाया और वीडियो कॉल के ही जरिये पूरी अंत्येष्टि को भी दिखाया। इस दौरान कंपनी के कुछ कर्मचारी मौजूद थे जो ये बता रहे थे कि जो हुआ बहुत दुःखद है लेकिन अंतिम समय में लाइव तस्वीरों के जरिये पुलिस ने जो कार्य किया वो सराहनीय है। बता दें कि प्रांजू जब इंदौर आये थे तब किसी ने सोचा भी नही होगा कि वो दोबारा असम जा पाएंगे।

वही कि पुलिस की टीम और नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों के साथ मिलकर अंतिम संस्कार में टीआई दिनेश वर्मा ने महती भूमिका अदा की है हालांकि मुक्तिधाम से लाइव अंत्योष्टि दिखाने वाली पुलिस भी उस क्षण के दौरान गमगीन हो चली थी। वास्तव में ये कोरोना के वो अलग अलग रंग है जो इंसान और इंसानियत के नातो को करीब तो ला रहे है लेकिन बड़ा दर्द देकर।

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