इंदौर, आकाश धोलपुरे। कोरोना महामारी के संकट के दौर में जहां एक ओर लोग डॉक्टर को भगवान का दर्जा देकर उन पर भरोसा जता रहे हैं तो दूसरी और कुछ अपवाद ऐसे भी हैं जो डॉक्टरी के पवित्र पेशे को बदनाम करने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे। ऐसा ही एक मामला इंदौर में सामने आया है।

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ये मामला खजराना थाना क्षेत्र में स्थित मयूर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का है। दवाओं की कालाबाजारी करने और फर्जी बिल बनाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें से एक डॉक्टर है। पकड़े गए आरोपियों के नाम आमिर खान और इमरान खान बताए जा रहे हैं। आमिर खान मयूर हॉस्पिटल में डॉक्टर के रूप में कार्यरत हैं तो इमरान खान इंफालीबल कंपनी में एमआर है। पुलिस ने दोनों ही आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और धारा 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

खजराना थाना प्रभारी दिनेश वर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता जयदीप साधवानी ने एक शिकायती आवेदन दिया था। जिस पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा दर्ज किया गया। एक आरोपी बीयूएमएस डॉक्टर है जिसका नाम डॉ. आमिर खान है और वहीं दूसरा आरोपी इमरान खान है जो एमआर है। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मरीज से 48 हजार के इंजेक्शन के नाम पर 60 हजार रुपये ले लिए और जब मरीज ने बिल मांगा तो दोनों ने फर्जी बिल लाइफ फिजन नामक संस्था के नाम से दे दिया। मरीज के परिजन जब बिल पर सील लगवाने गए तब जाकर धोखाधड़ी पकड़ में आई। पुलिस ने आपदा के दौर में शर्मनाक करतूत सामने आने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर उन पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस पूछताछ में कई खुलासे होने की उम्मीद है और इस पूरे मामले में मयूर हॉस्पिटल प्रबंधन भी जांच के घेरे में आ सकता है।