पूर्व मुख्यमंत्री बोले, कोरोना भी एक प्राणी, उसे भी जीने का अधिकार

नई दिल्ली डेस्क रिपोर्ट। अपने अति विवादास्पद बयानों को लेकर चर्चाओं में रहे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक अजीबोगरीब बयान दिया है। उन्होंने कोरोना वायरस को प्राणी बताते हुए उसे भी जीने का अधिकार होने की बात कही है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहा है।

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोरोना वायरस को लेकर दार्शनिक दृष्टिकोण अपनाया है। उनका कहना है कि यह भी एक जीवित जीव है और बाकी लोगों की तरह से जीने का अधिकार है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि हम यानी मनुष्य खुद को सबसे बुद्धिमान समझते हैं और इसे खत्म करने के लिए तैयार हो रहे हैं। हालांकि यह बहरूपिया है और बार-बार अपने रूप बदल रहा है। बाद में त्रिवेंद्र ने यह भी कहा कि मनुष्य को सुरक्षित रहने के लिए वायरस से आगे निकलने की जरूरत है।

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ऐसे समय में जब पूरे देश में कोरोना को लेकर महामारी और मातम का माहौल पसरा हुआ है, पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान पर लोग जमकर उन्हें ट्रोल रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक फॉलोअर ने लिखा है कि अगर कोरोना वायरस प्राणी है तो फिर इसका आधार कार्ड और राशन कार्ड भी होगा। एक अन्य ट्विटर यूजर ने कहा कि इस वायरलमस को सेंट्रल विस्टा में आश्रय दिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता गौरव पंक्ति का कहना है कि ऐसे लोगों के बयानों के कारण ही हमारा देश आज पूरे विश्व में सबसे ज्यादा मानवीय त्रासदी झेल रहा है। यह पहला मौका नहीं जब पूर्व मुख्यमंत्री ने इस तरह का बयान दिया। पहले भी उनके विवादास्पद बयान लगातार चर्चाओं में रहे हैं और एक बार फिर उनके बयान ने बीजेपी को परेशानी में डाल दिया है।