गोबर स्नान के बाद अब बाल्टी यज्ञ, कोरोना भगाने के लिए हुआ हवन, मास्क और डिस्टेंसिंग भूले लोग

शिवपुरी, मोनू प्रधान। कोरोना भगाने के लिए कहीं गोबर से स्नान किया जा रहा है तो वहीं  पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की मंत्री उषा ठाकुर कह रही हैं कि यज्ञ करने से कोरोना से बचाव होगा। इन सबके बीच विज्ञान सम्मत दृष्टि को जैसे तिलांजलि ही दे दी गई है। अब शिवपुरी में बाल्टी में यज्ञ और हवन किया गया और पूरे गाँव में धूनी रमाई गई।

चोरों ने पूरी अलमारी उठाई और भाग निकले, कुछ दूर जाकर खंगाली और काम का सामान लेकर रफूचक्कर

कहते हैं जब लॉजिल कमजोर पड़ जाए तो मैजिक पर भरोसा बढ़ जाता है। लेकिन लॉजिक के बिना मैजिक भी काम नहीं करता, ये बात लोग समझ नहीं पाते। जादू भी दरअसल हाथ की सफाई ही है। चमत्कार नहीं, विज्ञान ही हर बीमारी का सही इलाज है। लेकिन ये बात अभी भी लोगों को समझाना मुश्किल है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे अंधविश्वास खूब देखने तो मिलते है। अब शिवपुरी जिले के बूढ़दा में ग्रामीणों ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बाल्टी में हवन किया गया है। इसी के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए गलियों में हवन की बाल्टी लेकर धुआं फैलाते हुए निकले। ग्रामीणों का मानना है कि कपूर और हवन सामग्री के धुएं से गलियों में कोरोना के संक्रमण को खत्म किया जा सकता है। इनका कहना है कि कपूर और हवन सामग्री के धुएं से जहां एक ओर वातावरण शुद्ध होगा तो वहीं दूसरी ओर लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होगा। हालांकि हम किसी की आस्था पर कोई सवाल नहीं उठा रहे, लेकिन ये सवाल तो है ही कि कोरोना काल में जब सोशल डिस्टेंसिंग सबसे जरूरी है, ऐसे में बिना मास्क लगाए इस तरह के सामूहिक आयोजन से संक्रमण दूर होगा या और बढ़ेगा।