Indore क्राइम ब्रांच और पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई, 20 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस की पूछताछ में तस्करों ने बताया कि वह आपराधिक प्रवृत्ति के बदमाशों को ब्राउन शुगर के टोकन बनाकर बेचते हैं।

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Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, क्राइम ब्रांच ने अवैध मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन बदमाशों के पास से कुल 20 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई है। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।

मुखबिर से मिली सूचना

इंदौर एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के मुताबिक सूचना मिली थी कि हीरानगर क्षेत्र में 2 व्यक्तियों एक ब्लैक कलर की पल्सर से ब्राउन शुगर की तस्करी करने के लिए आने वाले हैं। वहीं, सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच और हीरानगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान दबिश दी। इस दौरान दो आरोपियों को घेरा बंदी कर पकड़ लिया गया।

घेराबंदी कर तस्करों को पकड़ा

पुलिस द्वारा पकड़े गए तस्करों से नाम पता पूछने पर उन्होंने अपना नाम अक्षय पिता जयंतीलाल पाल उम्र 31 साल, निवासी द्वारकापुरी और मोनू पिता परमानंद चौहान निवासी दिग्विजय मल्टी द्वारकापुरी होना बताया। वहीं, पुलिस ने जब इन दोनों बदमाशों की अच्छे से तलाशी ली तो तस्करों के कब्जे से 20 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुआ, जिसकी बाजार में कीमत 2 लाख रूपए बताई जा रही है। पुलिस की पूछताछ में तस्करों ने बताया कि वह आपराधिक प्रवृत्ति के बदमाशों को ब्राउन शुगर के टोकन बनाकर बेचते हैं। फिलहाल, यह ब्राउन शुगर कहां से लेकर आए थे इसकी लिंक निकाली जा रही है।

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इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट


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Shashank Baranwal

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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है–खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालोमैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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