इंदौर: हड़ताली डॉक्टरों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कराने के प्रयास , प्रभारी मंत्री ले रहे बैठक

इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने अब डॉक्टर्स द्वारा कलेक्टर को हटाये जाने की मांग के बाद महत्वपूर्ण बैठक। माना जा रहा है कि कामबंद हड़ताल पर जाने वाले डॉक्टर्स को मना लिया जाएगा।

इंदौर

इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर में प्रभारी सीएमएचओ (CMHO) रह चुकी डॉ. पूर्णिमा गाडरिया और कलेक्टर (collector) मनीष सिंह के बीच हुई तकरार से डॉक्टर्स (doctors) ने प्रशासन और सरकार पर दबाव बनाने के लिए हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी। जिसके बाद से ही इंदौर (indore) में माहौल गरमाया हुआ है। इधर, इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने अब डॉक्टर्स द्वारा कलेक्टर को हटाये जाने की मांग के बाद आज रेसीडेंसी कोठी पर एक बैठक आयोजित की है। माना जा रहा है कि कामबंद हड़ताल पर जाने वाले डॉक्टर्स को मना लिया जाएगा।

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दरअसल, इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह पर अप्रत्याशित दबाव बनाने का आरोप डॉक्टर्स लगा रहे है और सभी डॉक्टर्स लामबंद होकर विरोध कर रहे है ऐसे में अब सरकार, प्रशासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर्स के विवाद को सुलझाने के प्रयास में जुट गई है। इसी के चलते शुक्रवार को प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट की मौजूदगी में एक बैठक ली जा रही है जिसमें समस्याओं के निराकरण का भरोसा जताया जा रहा है। बैठक के पहले मीडिया से बातचीत में मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि परिवार में आपस मे वाद विवाद होते है जिन्हें संवाद के जरिये सुलझाया जा सकता है। उन्होंने बताया ऊपर वाले ईश्वर के बाद धरती पर डॉक्टर ही प्रत्यक्ष तौर पर भगवान होते है और वर्तमान कोविड संकट काल मे लड़ाई करने का वक्त नही है और मानव सेवा करना सबका उद्देश्य रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे प्रयास विवाद को सुलझाने के लिए निरंतर जारी है और जल्द इस विवाद का निराकरण कर लिया जाएगा।

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बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम संबोधित ज्ञापन स्वास्थ्य परिवार इंदौर के नाम से दिया गया है और ज्ञापन में इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा स्वास्थ विभाग के अधिकारी- कर्मचारियों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए 7 मई से काम बंद करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

ज्ञापन में लिखा गया है कि पिछले एक साल से अधिक समय से कोरोना से मध्य प्रदेश भी ग्रसित है। ऐसी स्थिति में शासन प्रशासन के द्वारा दिए गए आदेश निर्देशों का पूर्णता से पालन करते हुए पूरा स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है और इसमें कई लोगों की जान भी चली गई है। लेकिन ऐसी स्थिति में इंदौर के जिला कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा स्वास्थ्य की प्रथम श्रेणी महिला अधिकारी डॉ पूर्णिमा गडरिया के साथ असंसदीय, अमर्यादित, अभद्र व जलील करने योग्य भाषा एवं शब्दों का प्रयोग किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

फिलहाल, आज चल रही बैठक के बाद बहुत हद तक विवाद के निपटारे की उम्मीद है जिसके बाद माना जा रहा है सभी विभाग एक साथ मिलकर कोरोना को हराने के लिए एकसाथ काम पर जुट जाएंगे।