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इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर (indore) कोरोना की पहली लहर के बाद खुले बाजारों में निगम के अदने से कर्मचारियों और दरोगाओं (inspector) की मनमानी के कई मामले सामने आए थे और व्यापारिक वर्ग निगम की स्पॉट फाइन कार्रवाई (spot fine action) से नाखुश था क्योंकि निगम के नाम की आड़ में कई कर्मचारियों ने बिना रसीद दिए अवैध वसूली (illegal recovery) शुरू कर दी थी। लिहाजा, कोरोना की दूसरी लहर के बाद खुले इंदौर में स्पॉट फाइन के नाम पर गलत तरीके से कार्रवाई करने वाले कर्मचारियों पर निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने सख्ती करने की बात कहते हुए ऐसे कर्मचारियों को जमकर सार्वजनिक मंच से लताड़ भी लगाई।

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प्रदेश के सबसे बड़े और अधिक राजस्व संग्रहित करने वाले नगर निगम की आयुक्त प्रतिभा पाल ने अपने ही अधिकारी-कर्मचारियों को लताड़ लगाते हुए पूरी तरह से अनलॉक हुए इंदौर में स्पॉट फाइन के नाम पर अवैध वसूली को लेकर कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है। निगमायुक्त ने उन दरोगाओं और कर्मचारियों को चेताया है जो कोविड प्रोटोकॉल के नाम पर दुकानदार, उद्यमी और व्यापारियों को परेशान करते है। उन्होंने सीधे तो वसूली का जिक्र नही किया लेकिन बातो ही बातो में सभी को समझा दिया कि किसी की शिकायत आई तो उस कर्मचारी व दरोगा पर कार्रवाई होगी।

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वही वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने निगम के सीएसआई, झोनल अधिकारी और एआरओ को ये अधिकार दिए है ताकि वो लापरवाही बरतने वाले दुकानदारो पर कार्रवाई कर सके। वही अनावश्यक रूप से बाजार में घूमने वाले निगम कर्मचारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कर्मचारी भी बाजार में न घूमे और काम नही है तो ऐसे कर्मचारी वाटर सिस्टम और पर्यावरण सुधार के काम करे।