जबलपुर आबकारी सहायक आयुक्त और क्लर्क की साजिश से शासन को हुआ करोड़ों रुपए का नुकसान, ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया प्रकरण

सेना के अधिकारियों ने की थे शिकायत , कलेक्टर ने भी दिए थे जाँच के आदेश

जबलपुर, संदीप कुमार। मध्यप्रदेश के जबलपुर में आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त सत्यनारायण दुबे और क्लर्क विवेक अग्रवाल के विरुद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ( EOW) ने मामला दर्ज किया है। आरोप है कि सहायक आयुक्त ने सीएसडी केंटीन के लाइसेंस रिन्यू की फाइल दबा ली, जिससे शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व की क्षति हुई है।  इस मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

कर्नाटक में फिर दोहरा रहा पिता पुत्र दोनों मुख्यमंत्री का इतिहास

सीएसडी केंटीन जबलपुर द्वारा मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के सभी जिलों की आर्मी केंटीन को सामान की सप्लाई की जाती है, जिसमें शराब की सप्लाई भी होती है।  इसके लिए सीएसडी केंटीन ने लाइसेंस प्राप्त किया है, उक्त लाइसेंस को रिन्यू करने के लिए महाप्रबंधक ने 13 मार्च 2018 को आवेदन दिया, उक्त आवेदन को आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त सत्यनारायण दुबे व क्लर्क विवेक अग्रवाल ने दबा लिया, आवेदन कलेक्टर के पास न पहुंचने के कारण रिन्यूवल नहीं हो सका, जिसके चलते सीएसडी प्रबंधन को निजी ठेकेदारों से शराब खरीदकर दोनों प्रदेश के जिलों को सप्लाई करना पड़ी, जिससे मध्यप्रदेश शासन को जबलपुर जिले में 90 लाख और कुल तीन करोड़ रुपए से ज्यादा के राजस्व का नुकसान हुआ है, इस मामले की शिकायत ईओडब्ल्यू को दी गई, जिसकी जांच के बाद ईओडब्ल्यू द्वारा जबलपुर आबकारी विभाग के सहायक आबकारी आयुक्त सत्यनारायण दुबे व क्लर्क विवेक अग्रवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं व षड्यंत्र रचने की धारा 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।