जबलपुर अपहरण व हत्याकांड: बच्चे के एक वाक्य ने ले ली जान ‘अरे अंकल मैं तो आपको जानता हूं’

जबलपुर, संदीप कुमार| 13 साल का बालक अपने घर के पास खेल रहा होता है तभी अज्ञात लोग उस बच्चे का अपहरण कर लेते है। कुछ देर बाद अपहरणकर्ताओं का फोन आता है कि तुम्हारा बच्चा हमारे पास है तुम 2 खोके की व्यवस्था कर लो, पुलिस को सूचना मत देना, लड़का सुरक्षित है, हम आपको कल बतायेंगें की पैसा कहाॅ लाना है, साथ ही अपहृत आदित्य की पिता से बात भी करायी थी जो कि बहुत कम समय की थी।

अगले दिन फिर अपहरणकर्ता का पैसों के इंतजाम के लिए फोन आता है जिस पर पिता मुकेश लाम्बा का जवाब होता है की 8 से 10 लाख रूपये की व्यवस्था हो पायी है, तो अपहृरणकर्ता ने कहा कि इतने से काम नहीं चलेगा, कम से कम एक खोखा की व्यवस्था करो, हम शाम को फोन करेंगे, सिहोरा तरफ अकेले आना है। इतनी जानकारी लगते ही पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा के दिशा निर्देशन में 10 टीमेें गठित कर जबलपुर से लेकर सिहोरा तक सादे कपड़ों में लगायी गयी, तथा सभी टीमों के प्रभारियो को निर्देशित किया गया कि बच्चे की सकुशल वापसी होनी चाहिये । 16 अक्टूबर को रात लगभग 8 बजे अपहरणकर्ता ने बच्चे के पिता मुकेश लाम्बा के मोबाईल पर फोन किया और पूछा कि कितने पैसो का इंतजाम हुआ है, बच्चे के पिता के द्वारा बताया गया कि 8 लाख रूपये का इंतजाम हो पाया है इससे ज्यादा पैसे मेरे पास नही है। अगले दिन मुकेश लांबा 8 लाख रूपये से भरा बैग बतायेनुसार धनवंतरी नगर चेक पर पहुंच कर बच्चे की वापसी का इंतजार करने लगे।

कई घंटे बीत जाने के पश्चात जब बच्चा वापस नहीं आया तब पुलिस की सभी टीमें सक्रीय हुई तथा बच्चे की सकुशल वापसी के उद्देश्य से प्राप्त सूचनाओं एवं तकनीकी धार पर घेराबंदी करते हुये तीन आरोपी 1- राहुल विश्वकर्मा पिता राजेन्द्र विश्वकर्मा उम्र 30 वर्ष , 2- मलय राय पिता धर्मेन्द्र कुमार राय उम्र 25 वर्ष , 3-करण जग्गी पिता मनोहर जग्गी उम्र 24 वर्ष तीनों निवासी महाराजपुर अधारताल को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पकड़े गये तीनों आरोपियों से सघन पूछताछ की गयी जिस पर पाया गया कि राहुल एवं मलय ने आज से लगभग 1 माह पहले आपस मे चर्चा के दौरान काम धंधा न मिलने व पैसों की तंगी के कारण किसी बडे आदमी के बच्चे को किडनैप करने का प्लान बनाया, कुछ दिनों बाद राहुल विश्वकर्मा ने मलय राय को बताया कि मैं एक व्यक्ति को जानता हूॅं, उसका एक छोटा बच्चा भी है, पैसे भी मिल जायेगे।मलय ने पूछा कौन है वह व्यक्ति ? तब राहुल ने बताया कि धनवंतरी नगर निवासी मुकेश लांबा का अच्छा कारोबार है एवं उसका बच्चा आदित्य लांबा 13 साल का है , सही टारगेट रहेगा ।

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इस उद्देश्य को अंजाम देने के लिये आरोपियों ने सर्वप्रथम बेलखाडू क्षेत्र में एक मोबाईल की लूट की तथा छीने हुये उक्त मोबाईल का इस्तेमाल सम्पूर्ण घटना क्रम केा अंजाम देने के लिये किया। 15 अक्टूबर को पुनः रैकी करते हुए आदित्य लांबा उन्हें जैन किराना दुकान के सामने दिख गया, योजना के मुताबिक करण जग्गी कार में बैठा था, उसने आदित्य लाम्बा से कहा बेटा मुकेश लांबा का घर कहाॅ हैं, हम उनके दोस्त हैं, उनके घर जाना है, तब मासूम बालक आदित्य ने बोला ये तो मेरा ही घर है, चलिये मैं आपको बता देता हूूॅं, आप मेरे पीछे आईये फिर थोडी देर रूककर मासूम आदित्य आरोपियों के साथ स्वीफ्ट गाड़ी मे बैठ गया तब आरोपियों ने शातिराना अंदाज में आदित्य का मुंह दबा लिया एवं अंधमूक बाईपास की ओर ले गये तथा अपहृत आदित्य से माॅ का मोबाईल नम्बर पूछा तथा पूर्व में छीने हुये मोबाईल से पैसों के लेन-देन की बात शुरू की, पूरी रात आदित्य को कार मे बरोदा तिराहा, पनागर क्षेत्र में घुमाते रहे, तथा ढाबे मे खाना भी खिलाया।अगले दिन सुबह महाराजपुर अधारताल पहुंचे तथा राहुल उर्फ मेानू विश्वकर्मा के घर के बाजू में खाली पडे मकान में आदित्य को ले गये तथा एक अल्टो कार किराये पर ली एवं दोपहर में पुनः अल्टो कार में बैठाकर कुण्डम बघराजी क्षेत्र में घुमाते रहे|

पहचान उजागर होने के डर से कर दी बच्चे की हत्या
रास्ते में एक होटल में समोसा खाये एवं खिलाये उसी दौरान आदित्य ने राहुल विश्वकर्मा उर्फ मोनू से कहा कि ‘‘अरे अंकल मै तो आपको जानता हूॅ एक बार एक अंकल के साथ घर आये थेे ’’ । वैसे ही अगले दिन मीडिया मे आयी खबरों को देखकर आरोपी घबराये हुये थे, आदित्य द्वारा पहचानने की बात कहने पर तीनो और घबरा गये तथा तीनों ने मिलकर आदित्य की हत्या करने का प्लान बनाया, योजना के मुताबिक शाम को महाराजपुर पहुंचे एवं करण को छोडकर राहुल एवं मलय अल्टो कार में बैठाकर आदित्य को पनागर के आगे जलगाॅव ले गये तथा वहाॅ आदित्य से यह कहलवाते हुये कि ‘‘ पापा आ जाओ’’ रिकार्डिंग की तथा नहर किनारे ले गये एवं आदित्य का हाथ व गमछें से मुह दबा दिया जिससे कुछ ही देर में स्वंास अवरूद्ध होने से आदित्य की मृत्यु हो गयी।

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