जबलपुर सांसद का गांव बूंद-बूंद के लिए प्यासा, 1 हैंडपम्प के सहारे सैकड़ो ग्रमीण

आज तक न तो यहाॅ पानी की टंकी बन पाई न घर घर नल लग सके दूर दराज़ क्षेत्रो से महिलांए और बच्चियाॅ अपने सिर पर पानी भरकर लाती है।

जबलपुर,संदीप कुमार। देश के प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह पर सांसदों ने एक गांव गोद लेकर उसका विकास करने की बात कही थी पर सांसदों का पीएम से वादा हवा हवाई ही रहा, जबलपुर सांसद राकेश सिंह (Jabalpur MP Rakesh Singh) ने भी बरगी विधानसभा के कोहला गाँव को गोद लेने के बाद भूल गए है, आज कोहला गाॅव अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहा है और जनता सरकारी सुविधाओं के लिए परेशान हो रही है।

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जबलपुर सांसद राकेश सिंह ने आदिवासी बाहुल्य गाॅव कोहला को गोद लिया है जो कि आज भी वैसा है जैसा कि सांसद के गोद लेने से पहले था,सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गांवों में हर बुनियादी सुविधा का विस्तार करे बिजली, सड़क, पानी, स्कूल, पंचायत भवन, चौपाल, गोबर गैस प्लांट, स्वास्थ्य आदि सुविधाओं का कर विस्तार इन गांवों में करने की योजना थी, सांसद राकेश सिंह और जिले के अफसरों ने समय-समय पर गांवों में कैंप लगाकर उनकी मांगों पर गौर करने और शिकायतों को दूर करने की कोशिश भी की पर यह चला कुछ दिन बस,गाँव में सैकड़ो ग्रमीण है पर वो एक मात्र हैण्डपम्प के भरोसे जहाँ दो हजार से अधिक की जनता पानी ले रही है, आज तक न तो यहाॅ पानी की टंकी बन पाई न घर घर नल लग सके दूर दराज़ क्षेत्रो से महिलांए और बच्चियाॅ अपने सिर पर पानी भरकर लाती है।

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सांसद राकेश सिंह के आदर्श गाॅव कोहला में बीमार व्यक्ति को न डाॅक्टर मिलेगा और न ही शहर लाने के लिए कोई वाहन

एक नजर :
* ग्राम पंचायत पर 1900 के लगभग आबादी 450 परिवार
* 90 फीसदी आदिवासी और 10 फीसदी अन्य जाति के लोग निवास करते है।
* वर्तमान की स्थिति मे यहाॅ 350 कच्चे और जिसमे पक्के मकानो की संख्या बढ़कर 100 हो गई है
* 24 घंटे बिजली का दावा लेकिन मिलती है सिर्फ 8 से 10 घंटे
* हाई स्कूल तो है लेकिन शिक्षकों की कमी
* मिडिल स्कूल मे एक, प्राथमिक मे एक ओर हाईस्कूल मे सिर्फ 2 शिक्षक,
* हाईस्कूल में 200 छात्र छात्राएं वही कक्षा पहली से 8 तक 183 छात्र छात्राएं अध्ययनरत है,
* पानी के नाम पर गाॅव मे 3 हैण्डपंप लेकिन सिर्फ एक ही चालू ,
* नल जल योजना के नाम पर पाइपलाइन डली लेकिन मोटर रहती है बंद ,
* शौचालय का हाल बद से बदतर जानवर भी जाने मे कतराए,
* घरो मे बने व्यक्तिगत शौचालय के नाम पर हुआ भ्रष्टाचार,
* ओडीएफ घोषित बावजूद इसके खुले मे शौच मे जा रही जनता.
* सांसद निधी से क्या काम हुए किसी को नही पता
* स्वास्थ्य सेवाओ के नाम पर सिर्फ एक स्वास्थ्य केन्द्र जिसमे लटका रहता है ताला