जबलपुर, संदीप कुमार। जब पूरे जिले में कोरोना (Corona) के चलते जिला प्रशासन ने लॉकडाउन (Lockdown) कर रखा है। तो उस दौरान जबलपुर (Jabalpur) में नेपियर टाउन स्थित एक इमारत में कई मजदूरों को लगाकर काम करवाया जा रहा था। जहां पर मजदूरों द्वारा मिट्टी की खुदाई का काम करने के दौरान मिट्टी धसकने से कई मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि मिट्टी के ढेर धसने से मलबे में कई मजदूर दब गए, जिन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। और उनमें से 3 मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

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पानी का रिसाव बना घटना का कारण
जानकारी के मुताबिक घटना गुरुवार शाम ओमती थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जहां पर बिल्डर सुनील जसूजा द्वारा भवन निर्माण के लिए लॉकडाउन के बाद भी दर्जन भर मजदूरों को काम मे लगाया हुआ था। वहां पर बिल्डिंग के लिए बेसमेंट का काम भी चल रहा था। और उसी दौरान अचानक से मिट्टी धसक गई, जिसमें करीब 7 मजदूर चपेट में आ गए। आनन-फानन में सभी गंभीर घायलों को निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां तीन मजदूरों की हालात नाजुक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि जिस जगह खुदाई हो रही थी वहां पानी का रिसाव अधिक था और उस वजह से मिट्टी धसक गई।

टू व्हीलर में ले जाया गया घायलों को
निर्माणाधीन बिल्डिंग में जैसे ही मिट्टी धसकी वैसे ही वहां काम कर रहे मजदूरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मौके पर मौजूद सुपरवाइजर ने घायलों को बाइक और ऑटो से अस्पताल भिजवाना शुरू कर दिया। इस दौरान सुपरवाइजर ने पूरे घटनाक्रम को दबाने के लिए ना ही स्थानीय पुलिस को सूचना दी और ना ही एंबुलेंस को बुलाया। लिहाजा ऐसे में समझा जा सकता है कि बिल्डर सुनील जसूजा पूरे मामले को दबाने में जुटा हुआ था। वहीं जब इस घटना की जानकारी पुलिस को लगी तो इस मामलें में पुलिस का कहना है कि मजदूरों की हालत अभी गंभीर है उनकी हालत में सुधार आने के बाद सभी मजदूरों के बयान लिए जायेंगे और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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