कोरोना को लेकर हाईकोर्ट सख्त, 36 घंटे में कोरोना की टेस्ट रिपोर्ट मुहैया कराने के दिए आदेश

कोर्ट ने निर्देश दिए है कि कोरना टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए और रिपोर्ट को 36 घंटे के भीतर देने की हर संभव कोशिश की जाए। वहीं मरीजों को रेमडेसिवीर इंजेक्शन (Remdesiveer Injection) 1 घंटे में उपलब्ध कराया जाए।

जबलपुर, संदीप कुमार। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में बढ़ती कोरोना महामारी (Corona epidemic) को लेकर हाईकोर्ट (High Court) सख्त होता जा रहा है, जिसको लेकर कोर्ट ने राज्य सरकार (state government) के लिए एक और आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि कोरना टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए और रिपोर्ट को 36 घंटे के भीतर देने की हर संभव कोशिश की जाए। वहीं मरीजों को रेमडेसिवीर इंजेक्शन (Remdesiveer Injection) 1 घंटे में उपलब्ध कराया जाए।

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जानकारी के अनुसार कोरोना के इलाज में लापरवाही बरतने को लेकर पांच याचिकाएं दर्ज की गई थी, जिसमें सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस अतुल श्रीधरन की बेंच ने यह दिशा निर्देश जारी किए है। वही सरकार से 10 मई तक इस संबंध में किए गए पालन की रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है। कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि हर रोज कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए और रिपोर्ट को 36 घंटे के अंदर ही देने की हर संभव प्रयास किए जाएं, वही हर जिले के कलेक्टर और सीएमएचओ सरकारी और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करें और बेड, आईसीयू, रेमडेसिवीर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में जानकारी लें और जरूरतों के हिसाब से फैसले भी ले। सरकार कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1075 का प्रचार प्रसार करें। वही सरकारी और निजी दोनों ही अस्पताल कोरोना से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को राज्य सरकार सार्थक पोर्टल पर अपडेट करें। वही अगर कोई व्यक्ति कोरोना को छोड़ कर किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो उसके इलाज से अस्पताल इनकार नहीं कर सकता।याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता विवेक तन्खा, पूर्व महाधिवक्ता शशांक शेखर, संजय वर्मा, शेखर शर्मा उपस्तिथ थे वही सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके कौरव के साथ अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्पेंद्र यादव उपस्थित थे।