Hindi News

Sahara धोखाधड़ी: जबलपुर मे उग्र प्रदर्शन, 700 करोड़ से ज्यादा हड़पने का आरोप

Written by:Pooja Khodani
Published:
Last Updated:
Sahara धोखाधड़ी: जबलपुर मे उग्र प्रदर्शन, 700 करोड़ से ज्यादा हड़पने का आरोप

जबलपुर, संदीप कुमार। मध्य प्रदेश में निवेशकों से धोखाधड़ी(Sahara Fraud) मामले में सहारा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।आज जबलपुर में SAHARA इंडिया कंपनी की विभिन्न सोसाइटियों के खिलाफ कांग्रेस और निवेशकों (investors) द्वारा उग्र प्रदर्शन किया जा रहा है।

यह भी पढ़े.. कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, ट्रैक की जाएगी हर मूवमेंट, जानें क्या है सरकार का प्लान

कांग्रेसियों और निवेशकों द्वारा सिविक सेंटर से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली जा रही है।रैली में कांग्रेस के विधायक समेत कई दिग्गज नेता मौजूद है।वही जबलपुर पुलिस ने भी इस भीड़ को रोकने के लिए पूरे इंतजाम कर रखें है। पुलिस ने कांग्रेसियो को रोकने के लिए घण्टाघर में ही व्यवस्था कर रखी है और जगह जगह पर बैरिकेट्स लगाए गए है।

कांग्रेसियों (Jabalpur Congress) का आरोप है कि बार-बार जिला प्रशासन को बताने के बाद भी कंपनी के खिलाफ कार्यवाही नही हुई है। अकेले जबलपुर में ही सहारा कंपनी द्वारा 700 करोड़ रु से ज्यादा रकम हड़पी गई है।वही पैसा मांगने पर निवेशकों को धमकी दी जाती है।कांग्रेस ने खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अब आर पार की लड़ाई होगी।

यह भी पढ़े.. Gwalior News : बिजली विभाग की मनमानी को लेकर कांग्रेस सड़क पर, ऊर्जा मंत्री से किये सवाल

सौरव शर्मा के अनुसार अकेले जबलपुर जिले में तीन लाख से ज्यादा निवेशकों के लगभग 700 करोड रुपए सहारा की विभिन्न स्कीमों में फंसे हुए हैं। हैरत की बात यह है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा के साफ निर्देश है कि सहारा की चिट फंड स्कीमों में फंसे विभिन्न लोगों के पैसे वापस दिलाने के लिए प्रशासन व पुलिस कड़ी कार्रवाई करें। बावजूद इसके निवेशकों को एक पैसा नहीं मिला है।

 

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 9 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
Follow Us :GoogleNews