आदिवासियों के लिये CM Shivraj की बड़ी घोषणा, होगा ये फायदा

सीएम शिवराज

झाबुआ, डेस्क रिपोर्ट। मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने ‘जनकल्याण और सुराज अभियान’ के अंतर्गत झाबुआ जिले में विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरण भी किया। यहां सीएम ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।

Video : जब थिरक उठे CM Shivraj के कदम, पारंपरिक जनजातीय नृत्य किया

आदिवासियों के लिये CM Shivraj की बड़ी घोषणा, होगा ये फायदा

सबसे पहले सीएम ने पूर्व सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह भूरिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। इसी के साथ उन्होने घोषणा की कि अबसे हर साल हर साल धूमधाम से झाबुआ उत्सव मनाया जायेगा, जहां जनजातीय युवक-युवतियां अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। सीएम ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि हम “राशन आपके द्वार योजना” प्रारंभ कर रहे हैं। इसमें अब हमारे जनजातीय भाई-बहनों को दूसरे गांव में दुकानों तक नहीं जाना होगा, बल्कि गाड़ियों में भरकर राशन आपके द्वार आयेगा। इन गाड़ियों के मालिक हमारे जनजातीय बेटे ही होंगे। इसी के साथ उन्होने कहा कि पूरे ट्राइबल क्षेत्र में (जहां चुनाव हैं, वहां छोड़कर) 7 तारीख से अभियान चलाकर नामांतरण और बँटवारा करवा दिया जाएगा। हर गरीब आदिवासी को न्याय मिलेगा। सीएम ने कहा कि कई जगह लोगों ने बताया कि एक घर में कई परिवार रह रहे हैं। रहने की जगह नहीं है। हमारी सरकार ने तय किया है कि परिवार का मतलब पति-पत्नी और बच्चे, जिसे एक यूनिट माना जाएगा। सीएम ने कहा कि जिनके घर में एक से ज्यादा परिवार रह रहे हैं, उनको प्लाट देकर अलग से जमीन का मालिक बनाऊंगा। सीएम ने कहा कि वनोपज वन समिति के माध्यम से बेची जाएगी और पैसा सरकार के खाते में नहीं जाएगा, जनजातीय भाई-बहनों के खाते में जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं कहने आया हूं कि आज का यह कार्यक्रम सिर्फ कार्यक्रम नहीं है। आज से यह गरीब आदिवासी की जिंदगी बदलने का अभियान प्रारंभ हो रहा है। उन्होने कहा कि मेरे मन में जनजातीय भाई-बहनों और क्षेत्र के विकास का संकल्प और दृढ़ हुआ है। उन्होने कहा कि सरकार ने नई रेत नीति बना दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों के लिए बालू निःशुल्क दी जाएगी। वहीं पुलिस और फ़ौज में भर्ती के लिए ट्राइबल बेटा-बेटियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। पीने का पानी नल-जल योजना से आएगा। आदिवासियों के ऐसे छोटे-छोटे मामले, जो गंभीर नहीं हैं, वापस ले लिए जाएंगे। सीएम शिवराज ने कहा कि हम सामाजिक न्याय सामाजिक समरसता के साथ बढ़ेंगे। आदिवासी के आगे बढ़ने का यह मतलब नहीं है कि किसी को नुकसान पहुंचाया जाए। किसी का नुकसान नहीं होगा, यह मेरा वचन है।

सीएम ने कहा कि 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा और उस दिन भोपाल में पूरे प्रदेश के आदिवासी भाई-बहनों का एक विशाल समागम होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आदरणीय स्व. दिलीप सिंह भूरिया जी के चरणों में प्रणाम करता हूं। उनका पेसा एक्ट बनाने में बहुत योगदान है, मैं इसे मध्यप्रदेश की धरती पर जनजातियों के कल्याण के लिए लागू कर रहा हूं। हम अपनी परम्पराओं और संस्कृति को बढ़ावा देने में हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। हमारी संस्कृति में आनंद है। उन्होने कहा कि सरकार जंगलों की सेवा और रक्षा करने वाली जनजातियों के कल्याण एवं उत्थान के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने झाबुआ में जनजातीय कार्यक्रम के अवसर पर जनजातीय भाई-बहनों के साथ पारंपरिक नृत्य में भी भागीदारी की।