खंडवा कलेक्टर

खंडवा, सुशील विधानी। इन दिनों खंडवा कलेक्टर अनय द्विवेदी (Khandwa Collector Anay Dwivedi) सुर्खियों में बने हुए हैं। एक तरफ जनसंपर्क अधिकारी (PRO) का ट्रांसफर कर उन्हें रिलीव करने का मामला गर्माया हुआ है तो दूसरी तरफ पत्रकारों और कोरोना वॉरियर को धमकी का ऑडियो वायरल हो रहा है  इसी बीच खंडवा कलेक्टर ने जनसंपर्क अधिकारी (PRO) का ट्रांसफर कर उन्हें रिलीव कर दिया। इसी बीच खंडवा कलेक्टर का बड़ा बयान सामने आया है। कलेक्टर का कहना है कि लोगों की जान बचाना पहली प्राथमिकता है, आपदा के समय गलत कार्य करने पर फटकार लगाई थी, इसके पीछे और कोई उद्देश्य नहीं था।

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दरअसल, सोशल मीडिया (Social Media) पर खंडवा कलेक्टर अनय द्विवेदी का एक ऑडियो-वीडियो (Video Viral) सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कलेक्टर कुछ लोगों को फटकार लगाते हुए नजर आ रहे हैं, जबकी  कलेक्टर का साफ कहना है कि कोविड-19 महामारी के समय हमारी पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना थी, लेकिन कुछ लोग कोविड- कैंपस में अपनी मनमानी कर रहे थे, वहां कितने लोग कार्य कर रहे थे, उसकी सूची नगर निगम द्वारा मांगी जा रही थी, लेकिन सूची देने में भी उपायुक्त पर दबाव बनाया जा रहा था।

खंडवा कलेक्टर ने आगे बताया कि 80 लोगों की ही सूची प्राप्त हुई थी, वहां कुछ लोग शराब और सिगरेट पीकर अभद्र व्यवहार कर रहे थे, उसी समय मेरा पहुंचना हुआ और मेरे द्वारा उन्हें डांट फटकार लगाई गई। मैंने कुछ गलत नहीं किया मेरी पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना था। लगातार कोविड-19 के केस उस समय बढ़ते जा रहे थे लेकिन यह अपनी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे थे, उस समय लोग हमारी पहली प्राथमिकता जितने भी बाहर से और शहर के मरीज आ रहे थे, उनकी जान बचाना थी, लेकिन यह समय पर कार्य नहीं कर रहे थे. ऐसे लोगों को डांट फटकार लगाना कुछ गलत नहीं किया। मेरे बयान को गलत तरीके से लिया गया है।

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वही खंडवा कलेक्टर का एक ऑडियो भी वायरल (Audio Viral) हो रहा है, जिसमें कलेक्टर कुछ हॉस्पिटल के सुपरवाइजर को डांटते नजर आ रहे है, लेकिन हम आपको इस ऑडियो की सच्चाई बताने जा रहे हैं कि आखिर क्यों खंडवा कलेक्टर अनय द्विवेदी ने उस सुपरवाइजर को चिल्लाया । दरअसल, बीते कई दिनों से सुपरवाइजर की कई मरीज शिकायत कर रहे थे कि वे अपनी टीम के साथियों के साथ कंपाउंड में ही दारू पीते है, जिसके चलते मरीजों को काफी परेशानी होती है।

इसी दौरान रात 2:00 बजे कलेक्टर अनय द्विवेदी हॉस्पिटल का दौरा करने पहुंचे और सुपरवाइजर से कहा कि आपके जो 300 लोग हैं, वह दिख नहीं रहे हैं। 300 लोगों की जगह केवल 60 व्यक्ति ही ड्यूटी कर रहे थे, बाकी लोग सैलरी नही लेते क्या। इसी बात से नाराज होकर कलेक्टर अनय त्रिवेदी ने फटकार लगा दी और इस दौरान किसी ने उनका ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया और   वायरल कर दिया, जो कि आधा सच है। जबकि खंडवा कलेक्टर ने मरीजों के शिकायत पर ही सुपरवाइजर को को फटकार लगाई थी और उसी के बाद व्यवस्था में सुधार आया है।