सिंगिंग थैरेपी से कोरोना मरीजों का मनोबल बढ़ा रहे डॉक्टर, कारगर साबित हो रहा तरीका

खरगोन जिले के सनावद कोविड केयर सेंटर (Covid Care Center) में डॉक्टर्स कोरोना मरीजों सिंगिंग थैरेपी (Singing Therapy) दे रहे हैं। यह अनोखा तरीका मरीज की रिकवरी में कारगर साबित हो रहा है।

खरगोन, बाबूलाल सारंग। खुशनुमा माहौल भक्ति में तल्लीन मरीज और जुबान पर संकीर्तन यह दृश्य किसी मंदिर या धार्मिक स्थल का नहीं बल्कि सनावद के कोविड केयर सेंटर (Covid Care Center) सांई अस्पताल (Sai Hospital) का है। यहां भर्ती कोरोना मरीजों का मानसिक तनाव दूर करने के लिए डॉक्टरों की टीम ने एक अनोखा तरीका निकाला है। ट्रीटमेंट के साथ रोजाना एक घंटा सिंगिंग थैरेपी (Singing Therapy) भी दी जा रही है। यह प्रयोग बीस दिनों से हो रहा है। डॉक्टरों का दावा है की इस प्रयोग से नेगेटिविटी पूरी तरह खत्म होकर मरीज जल्दी रिकवर भी कर रहा है।

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अस्पताल के संचालक डॉ. अजय मालवीय ने बताया कि फिलहाल कोविड केयर सेंटर में 33 मरीज है। शुरुआत में यह देखने में आया कि मरीज यहां आने के बाद उदास रहता था, चेहरे पर तनाव नजर आता था। नेगेटिविटी इतनी थी कि महामारी को रिकवर करने में दवाईयां भी ज्यादा कारगर साबित नहीं हो रही थी, लेकिन बीते 20 दिनों से सिंगिंग थैरेपी कराई जा रही है। अब मरीज खुशनुमा माहौल बनाने लगे हैं। संगीत सेशन का इंतजार करते हैं। इसके लिए छोटे स्पीकर अस्पताल में लगाए हैं। नियमित शाम को एक घंटा इसके जरिए भजन, संगीत सुनाया जाता है। मरीजों को माइक देकर उन्हें भी साथ-साथ गाने के लिए डॉक्टर प्रेरित कर रहे हैं। बीते 10 दिनों से रोजाना डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। पहले दो से तीन मरीज डिस्चार्ज हो रहे थे अब पांच स छह मरीज स्वस्थ्य होकर घर जा रहे हैं।

कोविड केयर सेंटर में भर्ती बड़वाह के मरीज प्रवीण शर्मा, महेंद्र सोलंकी और माया वर्मा ने बताया कि सिंगिंग थैरेपी मानसिक तनाव को दूर करने में कारगर है। मरीज यहां अकेला आता है। महामारी का खौफ इतना है कि वह दशहत में रहता है। लेकिन शाम को संगीत सेशन में आत्मीय शांति मिलती है। डॉक्टरों की मोटिवेशन स्पीच मनोबल बढ़ाती है। प्रवीण शर्मा ने बताया कि बीमारी तो दवाई से ही जाएगी, लेकिन भक्ति संगीत आत्मीय बल देने वाला है।