मुरैना : मौत के बाद शव को एसपी ऑफिस के बाहर रख परिजनों ने किया हंगामा, यह है पूरा मामला

चंबल की अवैध रेत भंडारण की शिकायत को लेकर दो पक्ष आपस में भीड़ गए थे। वही इसमें एक वृद्ध की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने शव को एसपी ऑफिस के बाहर रख हंगामा किया।

मुरैना, संजय दीक्षित। चंबल रेत के अवैध भंडारण की शिकायक को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। जिसमें बात लड़ाई तक आ गई और इस लड़ाई में एक वृद्ध घायल हो गया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद आज वृद्ध के परिजनों ने शव को एसपी ऑफिस के बाहर रख हंगामा किया।

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चिन्नौनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत तिंदोखर गांव में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष की शिकायत चम्बल अभ्यारण की एसडीओ श्रध्दा पांढरे से की थी। जिसे लेकर वन विभाग ने लाखों रुपए के डंप रेत को नष्ट करने की कार्रवाई की थी। भंडारण को लेकर की गयी कार्रवाई के चलते 2 परिवारों में विरोध बढ़ गया। विरोध इतना बड़ा कि करीब 6 दिन पहले लाठी-डंडों से दोनों पार्टियों की ओर से मारपीट शुरू हो गयी। जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसे जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। जहां उसने आज दम तोड़ दिया है।

जानकारी के अनुसार ग्राम तिंदोखर के बनवारी सिकरवार एवं बच्चू सिकरवार के बीच अवैध रेत की शिकायत को लेकर विगत 1 जून को झगड़ा हो गया था। झगड़े में बच्चू सिकरवार की ओर से हमला किया गया। जिसमें बनवारी सिकरवार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक के सिर में गंभीर चोट आने से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन हालात ज्यादा खराब होने के कारण इलाज के दौरान आज बनवारी ने दम तोड़ दिया। सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया कि घटना दिनांक को फरियादी की थाने में फरियाद तक नहीं सुनी गयी थी। जिसे लेकर मृतक के परिवार ने एसपी कार्यालय का घेराव किया गया।

सूचना मिलते ही गांव में भारी पुलिस बल एकत्रित कर दिया गया हैं। अधिकारियों के समझाने के बाद परिवार जनों ने बॉडी को उठाकर ले गए और गांव में जाकर दाह संस्कार किया गया। मृतक के परिवार वालों को डर था कि गांव वाले शव का अंतिम संस्कार नही करने देंगे। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मृतकों की फरियाद सुनने के बाद भारी संख्या में पुलिस बल साथ में भेजा । जिससे कोई भी अप्रिय घटना गठित न हो। ग्रामीणों का कहना है कि चिंनोनि थाना प्रभारी अगर समय रहते आरोपियों पर कार्रवाई कर देते तो शायद इतनी बड़ी घटना घटित न होती। झगड़े से पहले भी टीआई को सूचना दी गयी थी कि कुछ लोग जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। सूचना के बाद भी कार्रवाई न करना कहीं न कहीं थाना प्रभारी को संदेह के घेरे में लाता हैं।

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