राजगढ़, डेस्क रिपोर्ट। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार (Dilip Kumar) ने आज अपनी अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कह गए। उनकी उम्र 98 वर्ष थी और वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे, जिसे लेकर वे अकसर खबरों में रहा करते थे। दिलीप कुमार का नाता मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से भी रहा, उनकी मौत की खबर सुनकर लोगों को जिले से जुड़ी उनकी पुरानी यादें ताजा हो गई। दिलीप कुमार की मुख्य भूमिका में देश की पहली कलर फिल्म (colour film) ‘आन’ की शूटिंग देश के मिनी कश्मीर कहे जाने वाले राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में हुई थी। कश्मीर की तरह नरसिंहगढ़ का भी नजारा दिखाई देता है और इसे देखकर ही यहां आन फिल्म की शूटिंग की गई थी। कश्मीर की डल झील की तरह ही नरसिंहगढ़ शहर के बीचों बीच जल मंदिर है, इसका नजारा डल झील की तरह ही दिखाई देता है। जल मंदिर में भी इस फिल्म के गाने को एवं दृश्यों को फिल्माया गया है।

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देश की पहली रंगीन फिल्म ‘आन’

देश की पहली रंगीन फिल्म ‘आन’ की रिलीज को आज 69 बरस पूरे हो गए हैं। इस फिल्म से दिलीप कुमार की यादें राजगढ़ जिले से जुड़ी हुई थी क्योंकि जिले के नरसिंहगढ़ में इस फिल्म के खुबसूरत दृश्यों को फिल्माया गया था। जिले वासियों के लिए उस समय बड़े गर्व की बात थी, उनके जिले में देश की पहली रंगीन फिल्म की शूटिंग हो रही है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आया करते थे। दिलीप कुमार की मौत की खबर सुनकर पूरे जिले को इस फिल्म की यादें ताजा हो गईं। इस फिल्म को जिले के लोगों ने कई बार देखा और नरसिंहगढ़ में फिल्माए दृश्यों को निहारा।

मध्यप्रदेश में बसी हैं Tragedy King दिलीप कुमार की पुरानी यादें, राजगढ़ में बनी थी पहली कलर Film ‘आन’

नरसिंहगढ़ के खूबसूरत लोकेशन्स पर हुई थी फिल्म की शूटिंग

राजगढ़ जिले के लिए इस फिल्म की बात इसलिए खास है क्युंकि इसकी आउटडोर शूटिंग देश के मिनी कश्मीर कहे जाने वाले नरसिंहगढ़ में हुई थी। दरअसल नरसिंहगढ़ बंद शहर है, यहां शहर कुदरती तौर पर चारों ओर विंध्य पहाड़ियों से घिरा हुआ है, और बीच में कटोरा नुमा समतल भूमि पर नरसिंहगढ़ शहर बसा हुआ है। यहां खूबसूरत झीलें, घने जंगल, और बरसाती झरनें हैं, जो सब कुछ किसी फिल्म के लिये जरूरी होते हैं। वहीं महबूब खान ने जब इस शहर को देखा तब इसे देखते ही कह बैठे- “वाह! कश्मीर-ए”, और तभी से लोग इसे कश्मीर-ए-मालवा नाम से जानते हैं।

फिल्मों के पहले शोमैन महबूब खान ने राजशाही के पतन और लोकतंत्र की स्थापना जैसे विषय पर इस ब्लॉकबस्टर फिल्म का निर्माण किया था। यह फिल्म राजगढ़ जिले और खासकर नरसिंहगढ़ वालों के दिल के हमेशा करीब रहेगी,  क्योंकि इसमें नरसिंहगढ़ के गऊ घाटी, कोटरा  किला, जल मंदिर,  देवगढ़, कंतोड़ा जैसी जगहों पर केवल फिल्म के दृश्य ही शूट नहीं हुए थे, बल्कि फिल्म के खूबसूरत गीतों का फिल्मांकन भी हुआ था। भारत की यह पहली रंगीन फिल्म नरसिंहगढ़ की खूबसूरती पाकर और खिल उठी थी।

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