रतलाम: रामलीला को बंद कराने पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने किया हमला, 3 पुलिसकर्मी घायल

लॉकडाउन के दौरान रतलाम के आलोट में रामलीला रोकने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला किया जिसमे 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए वही ग्रामीणों का आरोप पुलिस नेमहिलाओं को मारा और पथराव कर तोड़फोड़ की।

रतलाम, सुशील खरे। रतलाम (Ratlam) जिला मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर आलोट विकासखंड मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्राम बरडिया राठौर में करीब 300 लोगों की उपस्तिथि में रामलीला चल रही थी, जहां लोग कोरोना नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते दिखे, रामलीला देखने आए लोगों ने न तो सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन किया और न ही मास्क लगाया हुआ था। वही जब इसकी जानकारी पुलिस (police) को लगी तो पुलिस मौके पर पहुंची और बीती रात करीब 1 बजे पुलिस एवं ग्रामीणों में मुठभेड़ हो गई, जिसमें डायल 100 के चालक सहित दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। तो उधर कई ग्रामीणों के भी घायल होने की जानकारी खुद ग्रामीण अपनी जुबानी बता रहे हैं। देखिये किस तरह नियमों को ताक पर रख कर यह आयोजन किया गया था।

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आलोट थाना प्रभारी दीपक शेजवार के अनुसार डायल 100 पर सूचना मिली थी कि बरडीया राठौर में रामलीला चल रही थी। उसमें करीब 200 से 300 लोग उपस्थित थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को रामलीला बंद करने को कहा तो गांव के लोगों ने रामलीला भी बंद कर दी। इस दौरान गांव की लाइट बंद कर देने की बात पर करीब 30 से 40 गांव वालों ने वाहन पर पथराव कर पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। जिसमें डायल 100 के सहायक उप निरीक्षक आरसी गौड़, आरक्षक विक्रम चौधरी एवं चालक अशोक चौहान घायल हो गए और जैसे-तैसे वाहन लेकर आलोट पहुंचे।

रतलाम: रामलीला को बंद कराने पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने किया हमला, 3 पुलिसकर्मी घायल

बाद में थाना प्रभारी, एसडीओपी सहित 50 से अधिक पुलिसकर्मी गांव में पहुंचे और ग्रामीणों को मौके से हटाया। पुलिस कार्रवाई में गांव वाले गांव छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने 15 लोगों पर नामजद सहित अन्य 50 लोगों पर प्रकरण दर्ज कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार आलोट पुलिस ने बाद में लोगों के घर के बाहर खड़े वाहनों पर लाठी और तोड़फोड़ की। और एक व्यक्ति दिलीप सिंह के मकान से फ्रिज, कूलर, पंखे भी तोड़ दिए, लेकिन अभी तक कोई भी ग्रामीण पुलिस के खिलाफ शिकायत करने नहीं पहुंचा। पुलिस की बात सुनने के बाद अब ग्रामीणों की बात करें तो माज़रा कुछ रहा, ग्रामीणों का कहना है कि घटनाक्रम रात एक बजे का है लोग बताते हैं की हर साल की तरह हम बच्चों को राम सीता का रूप रख मंदिर में हवन कर रहे थे, महिलाएं भजन कीर्तन कर रही थी, जिसके बाद पुलिस ने मना किया तो हमने बंद कर दिया। बाद में एक पुलिसकर्मी ने महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता की, इस वजह से मामला बिगड़ा और गाड़ियां भरकर पुलिस आई और तोड़फोड़ कर मारपीट की जिसके निशानात दिख रहे। फिलहाल ग्रमीणो में जहां दहशत का माहौल है तो वही पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में हैं।

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