रतलाम में बंद काउंटर के बाहर तपती धूप में खड़े फल सब्जी विक्रेता हो रहे परेशान, अधिकारी नहीं ले रहे सुध

बंद काउंटर के बाहर तपती धूप में खड़े रहे फल सब्जी विक्रेता कार्ड के लिए परेशान हो रहे है।

रतलाम, सुशील खरे। रतलाम (Ratlam) में अनलॉक (unlock) के हाथ ठेले पर फल सब्जी बेचने वालों के लिए एक फरमान जारी हुआ था। जिसमें इन्हें फेरी लगाकर फल सब्जी बेचना था। जिसके लिए अधिकारी द्वारा इन्हें रजिस्ट्रेशन (Registration) करवाने का बोला गया था। जिसके लिए यह लोग नगर निगम द्वारा बनाए गए काउंटर पर घंटों लाइन में खड़े रहकर पास बनवा रहे थे। वहीं जिनका नंबर नहीं आया पाया था, वो अगले दिन सुबह 6 बजे से लाइन में लगे हुए थे। जो तपती धूप में करीब 12 बजे तक लगे रहे। लेकिन कोई अधिकारी रजिस्टर्ड केंद्र पर नहीं आया। जिसके बाद बंद काउंटर देखकर फल सब्जी फेरी वालों का गुस्सा फूट पड़ा। और सब लोग अपनी फरियाद लेकर नगर निगम पहुंचे। लेकिन निगम परिसर में बैठे जिम्मेदार उपायुक्त विकास सोलंकी ने इनकी कोई समस्या नहीं सुनी। और यह फल सब्जी विक्रेता तपती धूप में डेढ़ घंटे तक बाहर ही इनका इंतजार करते रहे।

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गौरतलब है कि सब्जी-फल विक्रेता तेज धूप में रजिस्ट्रार केन्द्र पर अपना कार्ड बनवाने के लिए सुबह से ही लम्बी कतार में घंटों इंतजार करते थे। लेकिन विडंबना यह थी, कि यहा समय पर ना तो कर्मचारी दिखतें है । ना ही पास बनानें वाला को जवाबदार अधिकारी। हाथ ठेले पर फल सब्जी बेचने के लिए पास की सुविधा व छूट जिला प्रशासन द्वारा दी गई है। जिसके लिए अलग-अलग जोन बनाये गये है। वही कालिकमाता सांस्कृतिक मंच पर भी एक रजिस्ट्रेशन केन्द्र बनाया गया है। मगर यहा ना तो पानी की व्यवस्था है ना ही धूप से बचने की। लॉकडाउन (lockdown) में इन गरीब परिवार को पेट पालने के लिए भी काफी मशक्कत करना पड़ी थी। अनलॉक में अब पास के लिए रोज केन्द्र पर भटकना पड़ रहा है। लेकिन यहां पर सिर्फ 2 दिन ही पास बनाए गए। बाकी जो लोग लाइन में लगे थे वह अपना कार्ड बनवाने के लिए अगले दिन फिर यहां पर सुबह 6 बजे से पहुंच गए थे। लेकिन अधिकारी गायब थे।

खाना खाने के बहाने गए अधिकारी, वापस नहीं लौटे
इधर सब्जी विक्रेता जितेंद्र डागा ने मीडीया से कहां यहा व्यवस्था प्रशासन द्वारा करवाई गई है। जिससे गरीब परिवार का पेट भर सके। मगर कल कुछ अधिकारियों ने यहां बैठकर कार्ड बनाएं और खाना खाने का कहकर चले गए। 24 घंटे बाद भी उक्त केंद्र पर ना तो कोई कर्मचारी वापस आया और ना ही अधिकारी। यहां सब सब्जी फल बेचने वाले कल दोपहर से परेशान हैं। और अधिकारी मौके पर नहीं है। जब पुलिस यहां आती है तो गरीबों पर लठ बरसाती है। सरकार या तो फिर पूर्ण बंद लॉकडाउन कर दे या हमें सल्फास की गोली दे दे।

जब इसकी सूचना कांग्रेसी नेता महेंद्र कटारिया को लगी, तो उन्होंने तत्काल निगम पहुंचकर मामले को संज्ञान में लिया। वहीं लोगों से पूछताछ की। फल, सब्जी बेचने वालों के साथ में नगर निगम अधिकारियों से बात करने पहुंचे। बाद में जिम्मेदार उपायुक्त को इनकी समस्या हल करने को कहा। और इनके हस्तक्षेप के बाद इन सब्जी विक्रेताओं के कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। पूरे मामले पर सहायक आयुक्त का कहना था कि एसडीएम द्वारा 2 दिन का आदेश था। हमने 31 व 1 तारीख को जो लोग आये उन सभी का कार्ड बनाये है। यह लोग अब आये है फिर भी इन लोगों की समस्याओं पर ध्यान देते हुए हम तत्काल उनकी सुची बनाकर पास बनवाएंगे ।

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