रतलाम- हत्या और लूट की वारदातों का खुलासा, गंभीर अपराधों का ग्राफ बढ़ा

रतलाम, सुशील खरे। कोरोना काल मे लोग अलग अलग समस्याओं से ग्रस्त हैं, पर पुलिस हत्या लूट डकैती जैसे अपराध सुलझाने में लगी है। लॉकडाउन के दौरान पुलिस के सामने ऐसे अपराध भी सामने आए, जो पहले इलाके में नहीं होते थे। पहले जिले में चोरी या सामान्य मारपीट के साथ पैसा छुड़ा ले जाना आम बात थी, पर अब जिले के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र में हत्या कर लूट करने जैसी वारदातें भी हो रही है।

सत्ता में आने के लिए कांग्रेस को लक्ष्मण सिंह ने दी ये नसीहत

रतलाम जिले के रावटी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नाहरपुरा में 5 जून की मध्य रात्रि खेत पर बने मकान के बाहर सो रहे 70 वर्षीय वृद्ध की हत्या और डकैती के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने वारदात में शामिल चार आरोपीयो को गिरफ्तार कर लिया, वहीं एक आरोपी फरार है जिस पर पुलिस ने 10 हजार का इनाम घोषित किया है। शुक्रवार को नवीन कण्ट्रोल रूम आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एसपी गौरव तिवारी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि रावटी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नाहरपुरा में खेत पर बने मकान के बाहर सो रहे वृद्ध सरदार भूरिया तथा उसकी पत्नी पर हमला कर अज्ञात नकाबपोश बदमाशों द्वारा  लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया गया था। लूटपाट के दौरान आरोपियों ने सरदार भूरिया की हत्या कर मृतक के शरीर से चांदी का कड़ा निकाल लिया था। वहीं आरोपियों ने मृतक की पत्नी को चोट पहुंचाकर सोने की नथनी, चांदी के कड़े तथा चांदी की चूड़ी व घर में घुस कर मक्के से भरे ड्रम में रखी नगदी 5 हजार रूपये, चांदी की हुण्डी (चेन) लूट ली थी।

हत्या सहित डकैती के गंभीर मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी तेरू, गुड्डु, हकरू सहित घटना में लूटे गये गहनों को अवैध तरीके से खरीदने वाले सोनू उर्फ रविन्द्र को गिरफ्तार करने सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार आरोपी से घटना में लूटी गई सोने व चांदी की सम्पत्ती (गहने) व नगदी जब्त की गई है। घटना में शामिल फरार आरोपी बाबूलाल की पुलिस द्वारा लगातार तलाश की जा रही है।

पुलिस केे अनुसार आरोपी तेरू की नजर सरदार को सोने चांदी के गहनों पर थी। मृतक 4 जून को अपने पुराने घर से रूपये लेकर अपने नये घर में आया था जिसकी जानकारी आरोपी तेरु को थी। इसके बाद तेरू द्वारा 05 जून को अपने दोस्त गुड्डा को रतलाम से नाहरपुरा लेकर आया। नाहरपुरा में दोनों ने मिलकर डकैती की योजना बनाई। फिर गुड्डा ने अपने बड़े पापा हकरू और जीजा बाबूलाल को रात में नाहरपुरा के माल पर बुलाया और चारों ने सरदार के घर पर धावा बोल दिया। आरोपी गुड्डा सरदार का गला पकड़ा व तेरू ने मृतक को रस्सी से बांध दिया। सरदार द्वारा विरोध करने पर आरोपी गुड्डा व तेरू ने सरदार का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और उसके हाथ में पहना चांदी का कड़ा छीन लिया।इसी के साथ सरदार की पत्नी झिठाबाई पर भी हमला कर उसके गहने व अन्य सामान लूट लिया। चारों आरोपी सोने, चांदी व रूपये लेकर जंगल में भाग गये और फिर सुबह चारों रावटी आये। रावटी में तेरू ने अपने जान पहचान वाले सोनू उर्फ रविन्द्र को बुलाया फिर लूटे हुए सोने चांदी के जेवरात आरोपी सोनू प्रजापत को 26000 रूपये में बेच दिये। चारों आरोपियों ने 7000-7000 रूपये आपस में बाँट लिये तथा शेष रूपये शराब व खाने पीने में खर्च कर दिये।