रतलाम नाबालिग हत्या मामला : मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने आरोपियों के घरों में की तोड़फोड़, गांव छोड़कर भागे दोषियों के परिजन

घटना से नाराज मृतक के परिजनों और समाज के लोगो ने गाव में आरोपियों के मकान तोड़ दी।

रतलाम, सुशील खरे। रतलाम (Ratlam) के आलोट में 2 दिन पहले दो दोस्तों ने अपने ही तीसरे दोस्त की गले की हड्डी तोड़ हत्या कर लाश को खदान में बने गड्ढे में गाड़ दिया था। जिसके बाद पुलिस द्वारा शंका के आधार पर पकड़े जाने के बाद दोनों आरोपी दोस्तों ने अपने दोस्त की हत्या करना कबूला किया। पुलिस ने लाश को गड्ढे से निकाल कर पोस्टमार्टम (Post mortem) के बाद परिजनों को सौंप दिया था। वही घटना से नाराज मृतक के परिजनों और समाज के लोगो ने गाव में आरोपियों के मकान तोड़ दी, जिसके बाद आरोपियों के परिजनों ने जान बचाने के लिए गाव छोड़ दिया, वही रतलाम में कलेक्टर कार्यालय आकर अपनी जान की सुरक्षा की गुहार लगा रहे है। वही रतलाम से सभी को पुलिस सुरक्षा में आलोट थाने भेजा गया है।

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यह है पूरा मामला
दोस्ती को दागदार करने वाली यह घटना है रतलाम जिले के आलोट तहसील के ग्राम दयालपुरा की है यहां के निवासी गोपाल सिंह सोंधिया ने पुलिस में रिपोर्ट लिखाई थी कि उनका 15 साल का बेटा 15 मई की रात आठ बजे से घर से कही चला गया। घर से जाने के पहले उसके पास मोबाइल पर एक कॉल आया था घर से चला गया। वही रिपोर्ट दर्ज करने करने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई चालू की और आलोट पुलिस सक्रिय हुई और पुलिस ने गायब बच्चे की खोज शुरू कर दी। बाद में पुलिस को पता चला कि गायब बच्चा गांव के ही अपने दो दोस्तों के साथ रात में आखिरी बार देखा गया था। जिसके बाद शक होने पर पुलिस ने दोनों दोस्तो को पूछताछ के लिए पकड़ा वही पूछताछ में दोनों ने पुलिस के सामने कबूला की उन्होंने अपने दोस्त की गला घोंटकर हत्या कर डाली और लाश को रिछा महिदपुर रोड के बीच एक खदान के गड्ढे में दबा दी। इस जानकारी के बाद पुलिस ने दोनों नाबालिग आरोपियों को साथ लेकर घटना स्थल पर पहुंची और लाश को गड्ढे से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए आलोट चिकित्सालय पहुंचाया गया। वही पोस्ट मार्टम के बाद लाश को परिजनों को सौंप दी गई।

दोनों आरोपी है नशे के आदि
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी ओर मृतक नाबालिग है और तीनों दोस्त थे। नाबालिग दोनों आरोपी बालक ध्रूमपान करते थे और उनकी कुछ लड़कियों से दोस्ती भी थी। वही मृतक वह इन सब गंदी आदतों से दूर रहता था और कई बार इस बात की शिकायत आरोपियों के घर पर उनके परिजनों से कर देता था।इससे दोनों आरोपी परेशान थे। और उन दोनों ने अपनी परेशानी को दूर करने के लिए अपने दोस्त की हत्या कर दी। इसके लिए उन्होंने उसे रात करीब आठ बजे फोन करके बुलाया फिर घूमकर आने का बोलकर मोटरसाइकिल पर बिठाकर रिछा महिदपुर रोड की ओर ले जाकर खदान के पास उसकी गला घोंटकर हत्या कर लाश को खदान के ही एक गड्ढे में दबा दिया। आलोट पुलिस ने दोनों नाबालिग आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।

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आक्रोशित परिजनों ने किया हंगामा
इस पूरी घटना के बाद जब मृतक का शव परिजनों को सौंपा गया और इसकी भनक समाज के लोगों को लगी तो सभी ने मिलकर हंगामा कर दिया। जानकारी के अनुसार जिस गांव में यह घटना हुई है वह क्षेत्र सोंधिया राजपूत समाज के बाहुल्य का है और मृतक बालक भी इसी समाज का था। अपने समाज के बालक की हत्या से आक्रोशित सोंधिया राजपूत समाज के लोगों ने आरोपियों के परिजनों और रिश्तेदारों के घरों में तोड़फोड़ कर उनके घर को पुरी तरह से तहस नहस कर दिया। दोनों आरोपियों में से एक इसी समाज से तो दूसरा दलित समाज से है।

6 परिवार गांव छोड़कर भागे
मृतक के समाज के लोगों के आक्रोश को देखकर दलित समाज के गांव में रहने वाले 6 परिवार गांव छोड़कर भाग गए। और रात भर अन्य गांव में शरण लेने के बाद आज शाम को ये सभी दलित परिवार के लोग रतलाम कलेक्टर कार्यालय पहुचे। सभी लोग कलेक्टर परिसर में ही जमीन पर बैठ गए और अपनी जान को सुरक्षा की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने बताया कि जो घटना हुई है उसमे हमारा एक बच्चा शामिल था, जिसे हमने खुद पुलिस को सौंप दिया था। लेकिन बच्चे के जुर्म की सजा सभी को क्यो मिले ? मृतक बालक के समाज के लोगो में आक्रोश है और वह हमें गांव में रहे नही देंगे हमे जान से मार देंगे। रतलाम में एसडीएम , डिप्टी कलेक्टर और सीएसपी ने दलित परिवारों की बात सुनकर इन्हें सुरक्षा का श्रवण देकर अपने साथ हुई घटना की रिपोर्ट आलोट थाने में दर्ज करवाने के लिए पुलिस बल के साथ भेजा है। जहां उनकी रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया। अब देखना होगा की यह मामला आगे कहां तक जाता है।