रतलाम : वैक्सीनेशन महा अभियान के बाद टीकों का टोटा, आदिवासी क्षेत्र रावटी में खत्म हुई वैक्सीन

वैक्सीनेशन के लिए सेंटर पर लाने के पश्चात प्रेरक और हितग्राही दोनों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है। और बिना टिका लगाए ही घर वापस जाना पड़ा।

रतलाम, सुशील खरे। पूरे देश सहित रतलाम (Ratlam) में भी 21 तारीख से वैक्सीन महा अभियान शुरू किया गया। तो वहीं विभिन्न तरीकों से 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को वैक्सीन (Vaccine) लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। तो दूसरी ओर सरकारी विभाग के कर्मचारियों को टारगेट निर्धारित कर कर दिया जा रहा है। वहीं टारगेट देने के पश्चात ग्रामीण अंचलों में स्कूल की टीचर्स आशा कार्यकर्ता सचिव सरपंच सभी लोग ग्रामीणों को प्रेरित कर रहे हैं। और वैक्सीनेशन के लिए सेंटर पर ला रहे हैं। परंतु वैक्सीनेशन के लिए सेंटर पर लाने के पश्चात प्रेरक और हितग्राही दोनों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है। और बिना टीका लगाए ही घर वापस जाना पड़ रहा है।

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कुछ ऐसा ही मामला रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र अंतर्गत हर्थल में भी देखने को आया। जहां पर वैक्सीनेशन के लिए सैकड़ों की तादाद में लोगों को प्रेरित कर कर लाया गया। परंतु वैक्सीन नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। अधिकारीयों के द्वारा के द्वारा उन्हें समझाइश दी गई कि ऊपर से वैक्सीन नहीं आ रही है। इस कारण नहीं लग पा रही है । जबकि 2 दिन पहले ही कलेक्टर ने एक पत्रकार वार्ता में कहा था कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन के डोज हैं। वही डिप्टी कलेक्टर द्वारा लोगों को समझाया जा रहा है कि वैक्सीन खत्म हो गई है। आते ही सबको लग जाएगी परेशान नहीं हो।

वैक्सीन लगवाने आई आदिवासी महिला पावन बाई ने बताया कि बारिश का सीजन आ गया है। ऐसे में उन्हें आप खेतों में काम करना पड़ेगा और बोनी का समय नजदीक है। वह बार-बार वैक्सीन के लिए नहीं भटक सकते और वैक्सीनेशन सेंटर पर नहीं आ सकते। जिसके चलते वैक्सीन महा अभियान प्रभावित होने की पूरी पूरी संभावना नजर आ रही है। जहां एक ओर प्रेरक अपना टारगेट पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं ।तो वहीं वैक्सीन की कमी उनके प्रयासों पर पानी फेर रही है। क्योंकि लोगों को तीन से चार दिन चक्कर लगाने के पश्चात भी ग्रामीण अंचलों में वैक्सीन नहीं मिल पा रही है जिससे वैक्सीनेशन अभियान सुस्त पड़ता दिखाई दे रहा है।

बतादें कि कर्मचारियों को निर्देश दिए जा रहे है कि निर्धारित टारगेट में वैक्सीनेशन कराने के लिए हितग्राहियों को वैक्सीनेशन सेंटर पर लाया जाए। खासकर आदिवासी ग्रामीण अंचलों में इस प्रकार के टारगेट सभी सरकारी कर्मचारियों को दिए जा रहे हैं। नहीं तो उन पर कार्यवाही की तलवार लटक रही है तो वही रतलाम कलेक्टर के द्वारा नया आदेश जारी किया गया है जिस किसी भी सरकारी विभाग में यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी वैक्सीनेशन नहीं करवाता है और उसका प्रमाण प्रस्तुत नहीं करता है तो उसकी सैलरी रोक दी जाएगी।

21 जून बाजना ब्लॉक के ग्राम गड़ाबड़िया, खेड़दा और मिडिल स्कूल कोठड़ा सेंटर पर 1 भी टीका न लगने के कारण रतलाम कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम ने महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर दीपा चौधरी, हरथल बीएलओ जीएस पाटीदार, राकेश डांगी, ग्राम पंचायत जाबड़ के पटवारी व सचिव को निलंबित कर दिया है। वहीं बाजना व रावटी के तहसीलदार, बाजना जनपद मुख्य कार्यपालन अधिकारी और ब्लॉक की 16 ग्राम पंचायतों के प्रधान को नोटिस जारी किए हैं, 21 को लक्ष्य से पीछे रहा रतलाम जिला तो 22 को संभाग में सबसे पिछड़ा रहा।