BRIBE : लोकायुक्त का शिकंजा, जनपद कार्यालय का APO 36 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

टीम ने मामले की जांच की और योजना बनाकर शुक्रवार देर शाम उमेश पैसे लेकर जनपद कार्यालय भेजा और जैसे ही एपीओ ने रिश्वत(Bribe) पैसे लेने के लिए हाथ बढ़ाया वैसे ही लोकायुक्त ने उसे ट्रैप कर लिया।

रिश्वत

रीवा, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा जिले (Rewa District) में रिश्वत के मामले तेजी से सामने आ रहे है। लोकायुक्त पुलिस (Riwa Lokayukt Team)  ने एक बार फिर यहां बड़ी कार्रवाई की है।टीम ने पंचायत चुनाव (Panchayat election 2021) से पहले  जनपद कार्यालय में पदस्थ एपीओ को 36 हजार रुपए की रिश्वत (Bribe) लेते रंगेहाथों गिरफ्तार (Arrest) किया गया है।  आरोप है कि APO ने वेंडर के भुगतान का बिल जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

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मिली जानकारी के अनुसार, रीवा जिले के उमेश तिवारी ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी त्योंथर जनपद कार्यालय में एपीओ विजय त्रिपाठी वेंडर भुगतान के एवज में 36 हजार रुपए मांग रहा है और पैसे ना देने पर बिल रोक दिए है। टीम ने मामले की जांच की और योजना बनाकर शुक्रवार देर शाम उमेश पैसे लेकर जनपद कार्यालय भेजा और जैसे ही एपीओ ने रिश्वत(Bribe) पैसे लेने के लिए हाथ बढ़ाया वैसे ही लोकायुक्त ने उसे ट्रैप कर लिया।

लोकायुक्त की 15 सदसस्यीय टीम को देखकर एपीओ विजय त्रिपाठी के होश उड़ गए और वहां हड़बड़ा कर सफाई देने लगा, लेकिन टीम ने एक ना मानी और उसे गिरफ्तार कर लिया।टीम ने जैसे ही उसके हाथ धुलवाए तो गुलाबी हो गए। लोकायुक्त ने APO के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

बता दे कि हाल ही में लोकायुक्त ने रीवा जिले के हुजुर तहसील के ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) दुआरी गांव के सरपंच नरेंद्र शुक्ला को 2 लाख और अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (Awadhesh Pratap Singh University)में शाखा में पदस्थ उपयंत्री कृष्ण मोहन त्रिपाठी (krishna mohan tripathi) को 50 हज़ार की रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तर किया था।