ज्ञापन देने पहुंची आशाओं को कलेक्टर ने नहीं दी तवज्जो, फिर देखिए क्या हुआ

अनुराग शर्मा/ सीहोर। वेतन वृद्धि और नियमितिकरण के लिए भूख हड़ताल पर बैठी आशाओं को कलेक्ट्रेट के अपमान का सामना करना पड़ा। टाउन हाल से विरोध रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंची आशा ऊषाओं ने गाड़ी में बैठ रहे कलेक्टर अजय गुप्ता को ज्ञापन देने के लिए रोकना चाहा लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने आशा ऊषाओं को गाड़ी से दूर कर दिया और कलेक्टर बिना ज्ञापन लिए हीं रवाना हो गए जिसके बाज आशा ऊषाओं ने कलेक्टर के के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर ज्ञापन लेने पहुंचे डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सक्सेना ने समझाने की कोशिश की लेकिन आशा ऊषाओं ने कुछ भी सुनने और ज्ञापन कलेक्टर को हीं देने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट भवन के मुख्य गेट पर बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कलेक्ट्रेट गेट पर काफी देर तक आशा ऊषाओं ने जमकर हंगामा किया।

ज्ञापन देने पहुंची आशाओं को कलेक्टर ने नहीं दी तवज्जो, फिर देखिए क्या हुआआशाओं का कहना था की कलेक्टर ने हमारा ज्ञापन नहीं लेकर अपमान किया है। साथ ही आशाओं ने कहा की हम तीन दिनों से वेतन बढ़ाने और सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं बावजूद उसके कोई भी प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी मिलने नहीं आया।हंगामा होते देखे सीटू नेता ने राष्ट्रीय एवं प्रदेश के सीटू नेताओं से चर्चा की और नारेबाजी कर रहीं आशा ऊषाओं को समझाया जिसके बाद आशा ऊषाओं ने धरना प्रदर्शन खत्म कर मुख्यमंत्री के नाम का 6 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को दिया।