अधिकारियों की हट के चलते बेघर हुए दर्जनों परिवार, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने दी चेतावनी

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सिवनी| गरीब परिवारों को पक्का मकान देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई योजना का जमीनी स्तर पर पलीता लगाया जा रहा है, सिवनी जिले में लोगों को उनके सपनों का आशियाना तो नहीं मिल रहा बल्कि चंद जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही एवं अपनी वाहवाही लूटने के चक्कर में लगभग 250 गरीब मजदूर – किसान परिवारों को भारी बारिश के मौसम के बीच अपने घरों से बेघर होना पड़ा है एवं पाल फाट्टे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है| जनपद पंचायत केवलारी में ही ऐसे परिवारों की संख्या 63 बताई जा रही है|

जनपद पंचायत केवलारी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत के ग्राम देवकरन  टोला निवासी अच्छेलाल पिता नन्हे लाल जघेला राजेंद्र पिता रामेश्वर जघेला एवं ग्राम पंचायत बोथिया निवासी शांति बाई पति मस्त राम साहू के अनुसार विगत जून माह में जनपद पंचायत केवलारी की एवं संबंधित पंचायतों के अधिकारी कर्मचारी उनके घर आए एवं कहा कि आपका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की लिस्ट में आ गया है आप अपना कच्चा मकान तोड़कर पक्का मकान बनाना प्रारंभ कर दें | जब हितग्राहियों द्वारा कहा गया कि अभी हमारे खाते में पैसे आ जाने दीजिए इसके बाद मकान तोड़कर बना लेंगे तो अधिकारियों ने धमकी भरे लहजे में कहा कि यदि आप मकान नहीं तुड़वाते हैं तो आपके पैसे लेप्स हो जाएंगे एवं मकान किसी अन्य व्यक्ति को मिल जाएगा | हितग्राहियों का कहना है कि इतने के बाद भी वह नहीं माने तो अधिकारियों द्वारा कहा गया कि यदि सरकार द्वारा पैसे नहीं दिए जाएंगे तो पैसे हम देंगे आप मकान तोड़ो इस वजह से हितग्राहियों ने अपने अपने घर तोड़ लिया एवं पैसों का इंतजार करते रहे लेकिन उनके खातों में पैसा नहीं आया और ना ही दम देने वाले अधिकारियों ने दोबारा उनको सुध ली जिस वजह से वह मजबूर होकर पाल फाट्टे में अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

राष्ट्रीय किसान एवं मजदूर महासंघ के महामंत्री एवं प्रवक्ता आशीष भैरम ने बताया कि हम जिम्मेदार अधिकारियों के संपर्क में है एवं हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द पीड़ित किसान एवं मजदूरों को उनके मकान के लिए पैसा दिया जाए यदि 15 दिन के अंदर ऐसा नहीं हो पाता है तो राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ कलेक्टर ऑफिस में धरना प्रदर्शन करेगा, एवं जो किसान एवं मजदूर मकान से वंचित हुई है वे सहपरिवार जिला पंचायत सीईओ एवं कलेक्टर के सरकारी आवास में रहना शुरू कर देंगे एवं तब तक रहेंगे जब तक उनको उनके मकान का पैसा नहीं मिल जाता ह�� ।

 

कीचड़ युक्त माहौल में रहकर कर रहे जीवन यापन 

जिन जिन गरीब एवं मजबूर परिवारों ने अपने घर तुड़ लिया है उनमें से अधिकांश परिवार पाल फट्टा तान कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं जहां इस भीषण बारिश के कारण तंबू के अंदर पानी आता है जिस वजह से कीचड़ पैदा हो रहा है जिसके बीच पीड़ित परिवार अपना जीवन यापन कर रहा है एवं उन्हें अनेक प्रकार की जीव जंतु जेसे सर्प, बिच्छू इत्यादि ज़हरीले जानवरों का खतरा हमेशा ही बना रहता है ऐसी परिस्थिति में उन्हें गंभीर बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है!

अधिकारी कर्मचारियों को मिलता है प्रशस्ति पत्र

राष्ट्रीय किसान एवं मजदूर महासंघ के महामंत्री एवं प्रवक्ता आशीष भैरम ने बताया कि जो भी जिला पंचायत जनपद पंचायत या पंचायत प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों को सबसे तेज तैयार करवाते हैं उन कर्मचारी अधिकारियों को शासन की तरफ से प्रशस्ति पत्र दिया जाता है |  इसी लोभ लालच के चलते आज जिले के लगभग 250 परिवारों का जीवन नर्क बना हुआ है ।