Shivpuri : बंधुआ मजदूर बनाई युवती के साथ दुष्कर्म, महज 15 हजार के लिए बनाया था बंधुआ

शिवपुरी, शिवम पांडेय।  तीन माह पहले एक युवती को बंधुआ मजदूर बना कर शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना अंतर्गत डाबरपुरा ग्राम में लाया गया था। अब उस युवती के साथ दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई है। बंधुआ मजदूर बनाने की वजह सिर्फ इतनी थी कि 20 वर्षीय युवती ने अपनी माँ के इलाज के लिए आरोपी से 15 हजार रुपए लिए थे, जिसे चुका न पाने के कारण आरोपी ने युवती को बंधुआ मजदूर बनाया और भोपाल से शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम डावरपुरा ले आया था।

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कुछ दिन पूर्व बंधक युवती की माँ ने भोपाल में अपनी बेटी को आजाद कराने की गुहार लगाई थी, जिसके बाद शिवपुरी जिला प्रशासन ने युवती को डाबरपुरा गांव से आरोपी के चंगुल से आजाद करा लिया था। इसके बाद से उसे वन स्टॉप सेंटर पर रखा गया था। लेकिन बुधवार को उसपर हुए अत्याचार की कड़ी में एक और कड़ी जुड़ गई। युवती के साथ दुष्कर्म की पुष्टि भी हुई है। पुलिस ने बताया कि युवती गर्भवती है और इस बारे में उसके बयान लिए गए हैं। अब बैराड़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ युवती की गवाही के बाद बलात्कार की धारा में मामला पंजीबद्ध किया है।

ये है मामला
वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर में पिता की मृत्यु के बाद मां का कर्जा चुकाने के लिए बंधुआ बनाई युवती को प्रशासन की टीम ने मुक्त करा लिया। जानकारी अनुसार कोरोना से पिता की मौत के बाद भोपाल की रहने वाली युवती एवं इसका परिवार और आर्थिक तंगी का शिराक हुए तो उन्होने इंदर सिंह गुर्जर ग्राम आंकुर्सी से 15 हजार रुपए उधार लिए। लेकिन ये राशि न चुका पाने के कारण आरोपी इंदर सिंह ने युवती को आकुर्सी गांव में बंधुआ मजदूर बना लिया था। इस मामले में युवती की मां ने एक शिकायत दर्ज कराई थी और कहा था कि इंदर सिंह उनकी बेटी को मुक्त करने के बदले में एक लाख रुपये की मांग कर रहा है। इस शिकायत पर पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता ने टीम गठित कर डाबरपुरा भेजी और वहां दबिश देकर युवती को मुक्त कराया गया। जब युवती मुक्त हुई तो उसने बताया कि इंदर ने जबरन उससे शादी भी कर ली थी। इस मामले में अब बलात्कार की पुष्टि हुई है। अपने बयान में युवती ने बताया है कि इंदर ने जबरन उससे विवाह किया था। बता दें डाबरपुरा गांव में बेड़िया जाति का आधिक्य है और यहां मानव तस्करी तथा देह व्यापार की जड़ें काफी गहरी तक जमी हुई हैं।