सिंगरौली, राघवेन्द्र सिंह गहरवार। कहते हैं जहां अपराध है वहां पुलिस तो होती ही है, इसी तारतम्य में मोरवा एसडीओपी (Morwa SDOP) राजीव पाठक एवं निरीक्षक मनीष त्रिपाठी ने एक अनोखी पहल की शुरुआत करते हुए अपने थाने में एक पुस्तकालय (Library) स्थापित किया गया। मजेदार बात है कि पुस्तकालय के लिए पुस्तके भी आम जनता से ही ली गई और लगा दिया एक बेहतीन गलीचा और आरामदयक सोफ़ा। जहां बैठकर लोग एक दूसरे से ज्ञानवर्धक बातें भी जान सकेंगे और पुस्तकों के समुंदर में डुबकी लगाकर ज्ञान रूपी मोती पा सकेंगे।

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दरअसल पहले एक वो भी दौर था जब लोग आपस में मिल-बैठ कर बातें करते थे, एक दूसरे से विचार साझा करते थे। जिससे नई पीढ़ी देखकर व्यवहारिकता की बातें सिख जाया करती थी। यह अगली पीढ़ी के भविष्य निर्माण में भी हितकारी था। लोगों के आचरण में दूसरे के प्रति जुड़ाव झलकता था। हर चर्चा ज्ञानवर्धक और मजेदार होती थी। आज के जमाने में लोगो ने मिलना, बाते करना, साथ बैठना और सबसे जरूरी पढ़ना कम कर दिया है। इन सबका असर अब समझ में आने लगा जब सामाज़ में आपसी जुड़ाव की कमी से व्यवहार कुशलता और नैतिकता में कमी आईं है तथा छोटे बड़े हर अपराध में बढ़ोतरी हुई है। जिसके चलते इस नई पहल की शुरुआत की गई।

कुछ दिन पूर्व इस पुस्तकालय का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक बीरेंद्र सिंह के हाथों द्वारा किया गया था। तब से लोगों में इस पुस्तकालय के लिए उत्सुकता जागी और लोग धीरे-धीरे पुस्तकालय आने लगे और अब इस पुस्तकालय ने और विस्तृत रूप धारण कर लिया है। खासकर जिनकी उम्मीद नहीं थी वो आज के नवयुवक जो लैपटॉप और व्हाट्सएप पर अधिक समय बिताना चाहता है वह भी इस पुस्तकालय में पहुंच रहे हैं। मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य के पुस्तक प्रेमियों द्वारा दान की गई इस पुस्तकालय की पुस्तकों से भी लोग लाभ उठा रहे हैं। जिससे एसडीओपी राजीव पाठक एवं मोरवा थाना प्रभारी मनीष त्रिपाठी का सपना साकार होता दिख रहा है। पुस्तकालय में पहुंच रहे लोगों से अच्छी और नई चीजें जानने की उत्सुकता साफ देखी जा सकती है। इस अभिनव पहल का सभी ने दिल से स्वागत किया है। पुस्तकालय में आने वाले सभी लोग उन्हें धन्यवाद देकर जा रहे हैं।

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