CM शिवराज के कहने के बाद भी नहीं मिल पा रहा पूरा इलाज, भटक रही परेशान बेटी

बता दें कि टीकमगढ़ के रहने वाले रमाकांत मिश्रा आईटीआई कॉलेज में लिपिक पद पर पदस्थ है। मई में ब्लैक फंगस के लक्षण देखने के बाद परिजनों द्वारा उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां मिश्रा की सर्जरी होने के बाद इंफेक्शन को खत्म करने के लिए इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। जि

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। कोरोना संक्रमण के बीच ब्लैक फंगस (bLack fungus) की दस्तक ने आम जनता के जीवन को और भी कठिन कर दिया है। ब्लैक फंगस से पिता के इलाज (treatment) के लिए एक बेटी ने जन प्रतिनिधियों से से अपील की है। इसी बीच टीकमगढ़ (tikamgarh) की एक बेटी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj Singh chauhan) से गुहार लगाई है। जिस पर तत्काल एक्शन लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने टीकमगढ़ की बेटी को ना सिर्फ इंजेक्शन दिलाए बल्कि उनके पिता का मुफ्त इलाज कराने के निर्देश भी दिए। बावजूद इसके बेटी को उचित सुविधा नहीं मिल पा रही है।

वर्षा मिश्रा का कहना है कि 2 दिन तक सुचारू रूप से इंजेक्शन मिलने के बाद 2 दिन से उनके परिवार को इंजेक्शन की सुविधाएं नहीं उपलब्ध कराई गई है। जबकि उनके पिता की एक किडनी महज 50% तक काम कर रही है। वर्षा मिश्रा ने कहा कि इंजेक्शन ना मिलने पर पिता को बहुत तेज दर्द होता है और वह परेशान हो जाते हैं। सीएम सर जी के आश्वासन के बाद मदद ना मिलना उनके परिवार के लिए बेहद मुश्किल परिस्थिति खड़ी कर रही है।

दरअसल पिता के इलाज की गुहार लगाने पीड़ित रमाकांत मिश्रा की बेटी टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट पहुंची थी। जहां टीकमगढ़ विधायक राकेश गिरी (rakesh giri) द्वारा बच्ची को सीएम के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ले जाया गया। इस दौरान विधायक ने मुख्यमंत्री शिवराज से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कहा कि सर आपकी एक भांजी बाहर बैठी है। उसके पिता ब्लैक फंगस से पीड़ित है लेकिन उसे इंजेक्शन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्ची को कैमरे के सामने बुलाया।

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वर्षा मिश्रा ने सीएम से कहा कि उसके पापा ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी एक आंख का ऑपरेशन हुआ है लेकिन आंख काम नहीं कर रही है। डॉक्टर इंजेक्शन की व्यवस्था करने की बात कर रहे हैं। 10 इंजेक्शन की व्यवस्था पैसे देकर की गई है लेकिन 60 इंजेक्शन लगने हैं। वर्षा मिश्रा ने बताया कि डॉक्टर ने रोजाना पांच इंजेक्शन लगाने की बात कही लेकिन इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जिसके बाद सीएम शिवराज ने कहा कि आपके पिता का इलाज होगा और इंजेक्शन भी लगेंगे। इसके साथ उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में इंजेक्शन उपलब्ध है। वहां पर भर्ती करो। सीएम ने तुरंत ही VC के बाद ग्वालियर कलेक्टर से चर्चा की और बच्ची के पिता की निशुल्क इलाज कराने की बात कही है।

बता दें कि टीकमगढ़ के रहने वाले रमाकांत मिश्रा आईटीआई कॉलेज में लिपिक पद पर पदस्थ है। मई में ब्लैक फंगस के लक्षण देखने के बाद परिजनों द्वारा उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां मिश्रा की सर्जरी होने के बाद इंफेक्शन को खत्म करने के लिए इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। जिसके बाद बेटी वर्षा मिश्रा द्वारा लगातार अधिकारियों जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई जा रही थी। इस बीच विधायक राकेश गिरी से मुलाकात के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक उनकी भांजी की गुहार पहुंची और सीएम शिवराज ने तत्काल भांजी की मदद करते हुए इंजेक्शन उपलब्ध करवाएं।