कमल नाथ का तंज ” सिंधिया तोप थे तो चुनाव क्यों हारे?

Atul Saxena
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Kamal Nath’s taunt on Scindia : मध्य प्रदेश में चुनावी बिसात बिछ चुकी है भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेता एक दूसरे पर हमलावर हैं, इसी दरमियान टीकमगढ़ पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज कसा, उन्होंने कहा कि हमें किसी सिंधिया की जरुरत नहीं है, यदि वे इतनी बड़ी तोप थे तो चुनाव क्यों हारे?

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ आज टीकमगढ़ पहुंचे, उन्होंने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात की, इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया, हनी ट्रेप वाली पोर्न सीडी सामने लाने के सवाल पर कमल नाथ ने कहा मैंने पहले भी कहा था कि मुझे पुलिस के लोगों के सीडी दिखाई थी, मैंने सिर्फ 1 या 2 मिनट का वीडियो देखा, क्योंकि मैं प्रदेश को बदनाम करना नहीं चाहता, मैं चाहता तो इसे तभी उजागर कर देता लेकिन मैं इस तरह की राजनीति नहीं करता। भाजपा सरकार पुलिस से वीडियो ले।

सिंधिया तोप होते तो ग्वालियर,मुरैना महापौर चुनाव क्यों हारते  

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़े सवाल पर कमल नाथ ने तंज कसते हुए कहा कि हमें किसी सिंधिया की जरूरत नहीं, सिंधिया कोई तोप नहीं, अगर तोप थे, तो फिर ग्वालियर, मुरैना महापौर क्यों हारे?। चुनावी मुद्दों के सवाल पर पूर्व सीएम कमल नाथ ने कहा कि शिवराज सरकार अपने 18 साल का हिसाब दे, मैं अपनी सरकार के 15 माह का हिसाब देने के लिया तैयार हूं।

प्रत्याशी चयन पर बोले –  स्थानीय को मिलेगा मौका 

कमल नाथ ने कहा कि बुंदेलखंड विकास के मामले में सबसे पीछे है। मूलभूल सुविधाओं का अभाव है। बुंदेलखंड में विकास की जरूरत है। टिकट वितरण के सवाल पर कमल नाथ ने कहा कि अब समय बदल चुका है, अब ये कोई नहीं कह सकता कि ये कांग्रेस का गांव है या भाजपा का। अब बहुत सूझबूझ से स्थानीय को महत्व देते हुए निर्णय लिया जाएगा।

टीकमगढ़ से आमिर खान की रिपोर्ट 


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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