Corona: खतरा बढ़ने के बाद जागा प्रशासन, डॉक्टर्स की सलाह लेने वालों की संख्या बढ़ी

CMHO ने बताया कि अभी हम एक मोबाइल यूनिट से ग्रामीण क्षेत्रों में सेम्पलिंग कर रहे हैं जिनकी संख्या सोमवार से 10 हो जाएगी। हमने इसकी अनुमति ले ली है।

ग्वालियर, अतुल सक्सेना।  पिछले साल मार्च में कोहराम मचाने वाला कोरोना (Corona) इस साल भी मार्च में वापस आ गया है।  इंदौर, भोपाल, ग्वालियर सहित प्रदेश के कई शहरों में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रदेश के कई जिलों में रात का कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। उधर इंदौर, भोपाल और जबलपुर में हर रविवार टोटल लॉक डाउन (Total Lock Down) घोषित कर दिया है। इधर ग्वालियर में भी जिला प्रशासन सख्त हो गया है। अधिकारी फिर से लोगों को कोरोना गाइड लाइन (Corona Guide Line) का पालन कराने सड़कों पर उतर आये हैं, वहीँ सुस्त हो चुका स्वास्थ्य विभाग भी जाग गया है।

24 मार्च 2020 को ग्वालियर में चेतकपुरी निवासी अभिषेक मिश्रा के कोरोना संक्रमित (Corona Infected) निकलने के बाद ग्वालियर भी संक्रमित मरीजों वाले जिलों में शामिल हो गया था। हालाँकि इस साल मार्च में केवल दो संक्रमित मरीज सामने आये लेकिन अप्रैल 2020 में आंकड़ा एक दम से 6 हो गया उसके बाद 1 मई से कोरोना संक्रमण (Corona Infection) ने रफ़्तार पकड़ ली। हालात इतने बिगड़ गए कि आंकड़ा दो सैकड़ा प्रतिदिन को भी पार कर गया हालाँकि ये आंकड़ा मध्यप्रदेश के अन्य शहरों की तुलना में कम था। अक्टूबर के बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी देखने को मिलने लगी और साल 2021 में आंकड़ा बहुत नीचे आ गया।

लोग लापरवाह हो गए, प्रशासन भी सुस्त हो गया 

11 फरवरी 2021 को ग्वालियर में कोरोना संक्रमण (Corona Infection)  का आंकड़ा शून्य हो गया। लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन साथ में लापरवाही भी शुरू कर दी। लोगों के साथ जिला प्रशासन भी सुस्त हो गया, फीवर क्लिनिकों की संख्या घटा दी गई, यहाँ तैनात स्टाफ को हटा दिया गया, सेम्पलिंग की संख्या में भी कमी कर दी गई। ग्रामीण क्षेत्रो में सेम्पलिंग के लिए  केवल एक मोबाइल यूनिट ही तैनात रही इसी बीच मार्च में आंकड़ा फिर बढ़ने लगा बहुत दिनों बाद 11 मार्च को 25 कोरोना संक्रमित सामने आने से ग्वालियर जिला प्रशासन के कान खड़े हो गए।

11 फरवरी को आंकड़ा शून्य था, 11 मार्च से बढ़ने लगा  

11 फरवरी 2021 को ग्वालियर में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) का आंकड़ा शून्य हो गया लेकिन 11 मार्च के बाद ये आंकड़ा बढ़ता ही रहा, 12 मार्च को 26 संक्रमित मरीज सामने आये तो 13 मार्च को 30 लेकिन साथ में एक मरीज की मौत भी हो गई। 14 मार्च को 25 संक्रमित मरीज आये तो 15 मार्च को 30 और 16 मार्च को 29 संक्रमित मरीज मिले।  इसके बाद 17 मार्च को 20 संक्रमित मरीज मिले और 18 मार्च को संख्या लगभग दो गुनी 39 हो गई, चिंताजनक बात ये रही कि 17 और 18 मार्च को एक एक संक्रमित मरीज की मौत भी हो गई। शुक्रवार 19 मार्च को फिर आंकड़ा 37 पर पहुँच गया।

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सख्त हुआ जिला प्रशासन, अधिकारी उतरे सड़कों पर 

मरीजों की संख्या बढ़ते देख जिला प्रशासन ने भी फिर सख्ती दिखाई।  कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने SDM सहित अन्य अधिकारियों को बिना मास्क लगाए घूमने वालों पर चालानी कार्रवाई शुरू करवा दी।  कलेक्टर ने सुस्त हो गए स्वास्थ्य विभाग को भी जगाया और सेम्पलिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए और बंद पड़ी फीवर क्लिनिकों को फिर से शुरू करने के निर्देश दिए।

सेम्पलिंग की संख्या बधाई, सोमवार से 10 मोबाइल यूनिट भी होंगी मैदान में 

CMHO डॉ मनीष शर्मा ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि हमने सभी 23 फीवर क्लिनिकों पर सेम्पलिंग बढ़ा दी है उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण (Corona Infection)  कम होने पर हमने जिले की केवल पांच फीवर क्लिनिक बंद की थी और उनके स्टाफ को हटाया था अब हम फिर से नियुक्तियां करने जा रहे हैं। CMHO ने बताया कि अभी हम एक मोबाइल यूनिट से ग्रामीण क्षेत्रों में सेम्पलिंग कर रहे हैं जिनकी संख्या सोमवार से 10 हो जाएगी। हमने इसकी अनुमति ले ली है।

स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में बढ़ी फोन कॉल की संख्या 

लोगों को कोरोना से जुडी भ्रांतियों और उनको सही सलाह देने के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी के मोतीमहल स्थित कंट्रोल  कमांड सेंटर पर कोरोना कंट्रोल रूम संचालित है। यहाँ फोन कॉल और वीडियों कॉल के जरिये लोगों को सलाह दी जाती है।पिछले 19 दिनों में कंट्रोल रूम के फोन की घंटियां फिर से बजने लगी हैं। लोग हल्का जुकाम, खांसी, बुखार होने पर फोन कर सलाह ले रहे हैं कि उन्हें कोरोना की जाँच कराना चाहिए कि नहीं।  कंट्रोल रूम में पदस्थ विशेषज्ञ स्टाफ फोन करने वालों को उचित सलाह और दवाएं बता रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक पिछले 19  दिनों में 1172 लोगों  ने फोन और वीडियो कॉल कर डॉक्टर्स से सलाह ले चुके हैं।

बहरहाल कोरोना की दूसरी लहर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी PM Narendra Modi) से लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) तक सभी को चिंता में डाल दिया है। देश और प्रदेश के हर नागरिक को समझना होगा कि कोरोना पर नियंत्रण की जिम्मेदारी केवल सरकार और प्रशासन की नहीं है। कोरोना पर नियंत्रण सामूहिक प्रयास से ही संभव है। इसलिए एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ (MP Breaking News) भी आपने निवेदन करता है कि सुरक्षा में ही समझदारी है, मास्क लगाइये, दूसरों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित कीजिये, सोशल डिस्टेंसिंग सहित कोरोना गाइड लाइन का पालन कीजिये।