कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सितंबर में होगा एरियर का भुगतान, 75 हजार तक खाते में आएगी राशि!

एरियर भुगतान की अधिसूचना जल्द जारी होगी।इससे 2.25 लाख कर्मचारियों और 1.90 लाख पेंशनरों को लाभ मिलेगा।

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शिमला, डेस्क रिपोर्ट। हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए अच्छी खबर है।सोमवार को सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में संशोधित वेतनमान के एरियर की पहली किस्त सितंबर में देने का निर्णय लिया है।सीएम जयराम ठाकुर इसकी 15 अगस्त को घोषणा कर चुके हैं। इसके लिए सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का प्रबंध कर लिया है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिमाचल प्रदेश सरकार संशोधित वेतनमान के तहत तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 50 से 75 हजार रुपये और प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को पहली किस्त में 30 से 50 हजार रुपये की एरियर की पहली किस्त दी जा सकती है। राज्य सरकार की सितंबर के दूसरे सप्ताह में कर्मचारियों को एरियर की पहली किस्त देने की तैयारी है। संभावना है कि अगले महीने ही दूसरी किस्त देने पर भी फैसला हो सकता है और 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते बढ़ाने पर भी ऐलान किया जा सकता है।

इधर, अलग अलग लेवल के कर्मचारियों के हिसाब से यह कुल एरियर का 10 से 18% हो सकता है। सामान्य प्रशासन विभाग से जानकारी मिलने के बाद वित्त विभाग एरियर भुगतान को लेकर गणना शुरु कर दी है। मंगलवार को राज्य सचिवालय में वित्त विभाग के अधिकारी एरियर की गणना में जुटे रहे। चर्चा है कि अधिकारियों की जगह पहले कर्मचारियों को अधिक एरियर दिया जाएगा। एक-दो दिन के भीतर इस बाबत अंतिम फैसला हो जाएगा।

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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पेंशनर्स को भी एरियर भुगतान का आकलन किया जाएगा, सभी पेंशनर्स को बकाया एरियर पेंशन में जोड़कर दिया जाएगा। कर्मचारियों व पेंशनर्स को एरियर का भुगतान वर्ष 2016 से किया जाना है। इस संबंध में वित्त विभाग की ओर से एरियर भुगतान की अधिसूचना जल्द जारी होगी।इससे 2.25 लाख कर्मचारियों और 1.90 लाख पेंशनरों को लाभ मिलेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वित्त विभाग ने राज्य सरकार को दो विकल्प का प्रस्ताव भेजा जाएगा। पहले विकल्प के तहत तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों को अधिकारियों के मुकाबले अधिक एरियर देने की सिफारिश और दूसरे विकल्प में इन दो श्रेणी के कर्मियों को एरियर का पूरा पैसा एक बार में ही देने का पक्ष भी रखा गया है। अब प्रदेश सरकार को इस बाबत अंतिम फैसला लेना है कि किस श्रेणी को कितना एरियर दिया जाए।