कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, वेतन के लिए आएगा नया फॉर्मूला! जानें कैसे तय होगी सैलरी?

।सुत्रों की मानें तो इसके बदले सरकार अब नए फॉर्मूले से बेसिक सैलरी बढ़ाने पर विचार कर सकती है, इससे हर साल बेसिक सैलरी में बढोत्तरी होगी और इसे 2024 तक लागू किया जा सकता है।

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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। 8th Pay Commission. केन्द्रीय कर्मचारियों (Central Employees Salary Hike) के लिए काम की खबर है। 4% महंगाई भत्ता जुलाई में बढ़ने और 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के आने पर संशय के बीच कर्मचारियों की सैलरी पर बड़ी अपडेट सामने आई है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केन्द्र सरकार इसे 7वें वेतन आयोग तक ही खत्म कर कर्मचारियों के लिए सैलरी का नए फॉर्मूला लाने की तैयारी कर रही है।इससे हर साल कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा होगा।हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से कोई अधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।

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दरअसल, केन्द्रीय कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2022 से 7वें वेतन आयोग के तहत सैलरी का लाभ मिल रहा है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब सरकार इसेे खत्म करने की तैयारी में है, ऐसे में 7वें वेतन आयोग के बाद अब 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के आने की उम्मीद कम है।सुत्रों की मानें तो इसके बदले सरकार अब नए फॉर्मूले से बेसिक सैलरी बढ़ाने पर विचार कर सकती है, इससे हर साल बेसिक सैलरी में बढोत्तरी होगी और इसे 2024 तक लागू किया जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016 के संसद में दिए अपने एक भाषण ने इस बात के संकेत दिए थे कि सरकार को वेतन आयोग से आगे कर्मचारियों की सैलरी को लेकर विचार करना चाहिए, ऐसे में सुत्रों की मानें तो मोदी सरकार अब नया वेतन आयोग लाने की बजाए नए फॉर्मूले पर विचार कर सकती है।इसके तहत 50% DA होने पर वेतन में ऑटोमेटिकली इजाफा हो जाएगा, इसे ‘ऑटोमेटिक पे रिविजन’ का नाम दिया जा सकता है।केंद्र सरकार के पास फिलहाल 68 लाख कर्मचारी और 52 लाख पेंशनभोगी हैं।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में वृद्धि के लिए Aykroyd फॉर्मूले की चर्चा है, इसके तहत कर्मचारियों की सैलरी को महंगाई, कॉस्ट ऑफ लिविंग और कर्मचारी की परफॉर्मेंस से जोड़ा जाएगा और इनके आंकलन के बाद सैलरी तय होगी। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की अपनी सिफारिश में जस्टिस माथुर ने कहा था कि हम पे स्ट्रक्चर को Aykroyd फॉर्मूले के तहत तय करना चाहते हैं, इसमें कॉस्ट ऑफ लिविंग को भी ध्यान में रखा जाता है। यह फॉर्मूला वॉलेस रुडेल आयकरॉयड ने दिया था। Aykroyd फॉर्मूला केंद्र को उनके पारिश्रमिक का निर्धारण करते समय inflation और केंद्रीय कर्मचारियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखने में सहायता करेगा।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, आसान शब्दों में समझें तो केंद्र सरकार निजी कंपनियों के तहत सरकारी कर्मचारियों की परफॉर्मेंस के आधार पर वेतन वृद्धि की तैयारी में है, इसके लिए जल्द नए प्लान लाया जा सकता है,इसका प्रस्ताव तैयार करने पर विचार विमर्श चल रहा है।पे लेवल मैट्रिक्स 1 से 5 वाले केंद्रीय कर्मचारी को उनकी कम से कम सैलरी 21 हजार के बीच हो सकती है। वही वेतनमान को खत्म कर साल 2024 में नए फॉर्मूला लागू किया जा सकता है।अगर ऐसा होता है तो अलग अलग लेवल के हिसाब से कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी।केंद्र सरकार के पास फिलहाल 68 लाख कर्मचारी और 52 लाख पेंशनभोगी हैं।