कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! भत्तों पर नई अपडेट, हो सकती है कटौती, जारी हुए ये निर्देश

बोर्ड ने जोन को खर्चे कम करने के लिये तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिए और महाप्रबंधकों को इस संदर्भ में कार्ययोजना बनाने को कहा।

pensioners pension

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। देशभर के रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। आने वाले दिनों में ड्यूटी, यात्रा समेत कई भत्तों में कटौती की जा सकती है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे बोर्ड ने सातों जोन से ओवरटाइम, नाइट ड्यूटी और यात्रा के अलावा ईंधन और मेंटेनेंस के लिए मिलने वाले भत्तों की समीक्षा करने को कहा है।

यह भी पढ़े..MP: पंचायत सचिव समेत 8 निलंबित, 23 कर्मचारियों का वेतन रोका, कईयों को नोटिस

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के त्रिपाठी की अध्यक्षता में एक त्रैमासिक समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए गए है, क्योंकि चालू वित्त वर्ष में मई तक सात जोनों पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (37.9 प्रतिशत), उत्तर रेलवे (35.3 प्रतिशत), दक्षिण मध्य रेलवे (34.8 प्रतिशत), दक्षिण पश्चिम रेलवे (33.1 प्रतिशत), उत्तर पश्चिम रेलवे (29 प्रतिशत), पश्चिम रेलवे ( 28 प्रतिशत) और उत्तर मध्य रेलवे (27.3 प्रतिशत)।  में सामान्य संचालन व्यय (ओडब्ल्यूई) 26 प्रतिशत औसत वृद्धि से कहीं ज्यादा ऊपर हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रेलवे के अनुसार ऑपरेशंस खर्च को लेकर 2022-23 के लिये कुल बजटीय अनुमान 2.32 लाख करोड़ रुपये है। चूंकि खातों का ऑडिट होना बाकी है, संबंधित आंकड़े अस्थायी हैं, ऐसे में बैठक के दौरान रेलवे बोर्ड ने जोन को खर्चे कम करने के लिये तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिए और महाप्रबंधकों को इस संदर्भ में कार्ययोजना बनाने को कहा।

यह भी पढ़े..Numerology 4 September: अपने जन्म की तारीख के आधार पर जानें रविवार के लिए अपना शुभ रंग और लकी नंबर

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पूर्व रेलवे (ER), दक्षिणी रेलवे (एसआर), पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) और उत्तर रेलवे (NR) जैसे जोन को किलोमीटर भत्ते और दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे (SECR), पूर्व-मध्य रेलवे (ECR) और पूर्व तटीय रेलवे (ECOR) को नाइट ड्यूटी भत्ते पर अपने खर्च को कम करने के लिये कहा गया है।रेलवे ने वित्त मंत्रालय की ओर से परिचालित की गई व्यय नियंत्रण और प्रबंधन उपायों के आधार पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभिन्न मोर्चों पर खर्चों को कम करने के लिए मंथन किया जा रहा है और जरूरी उपाय लागू किए जा रहे हैं।