भाजपा विधायक का कोरोना से निधन, पार्टी में शोक लहर, सीएम ने जताया दुख

इससे पहले औरैया से भाजपा विधायक रमेश दिवाकर, लखनऊ पश्चिम से विधायक सुरेश श्रीवास्तव, बरेली के नवाबगंज से विधायक केसर सिंह गंगवार का भी कोरोना से निधन हो गया था।

भाजपा विधायक

लखनऊ, डेस्क रिपोर्ट। यूपी (UP) में नेताओं पर कोरोना का कहर तेजी से बरप रहा है। आए दिन मंत्री-विधायक कोरोना की चपेट में आकर दम तोड़ रहे है।अब  उत्तर प्रदेश के रायबरेली (Raebareli) में सलोन विधानसभा से से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री दल बहादुर कोरी (BJP MLA Dal Bhadur Kori) का निधन हो गया है। विधायक के निधन की खबर लगते ही पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है।

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जानकारी के अनुसार, बीते दिनों भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री दल बहादुर कोरी की तबियत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद से उन्हें लखनऊ (Lucknow) के अपोलो अस्पताल (Apollo Hospital) में भर्ती करवाया गया था।जहां कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। आज सुबह अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और अस्पताल में ही इलाज के दौरान उना निधन हो गया।पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थकों के बीच विधायक के निधन की खबर से शोक की लहर है।

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सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने ट्वीट कर शोक व्यक्त करते हुए लिखा है कि सलोन, रायबरेली से भाजपा विधायक श्री दल बहादुर कोरी जी का निधन अत्यंत दुःखद है।प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

इससे पहले औरैया से भाजपा विधायक रमेश दिवाकर, लखनऊ पश्चिम से विधायक सुरेश श्रीवास्तव, बरेली के नवाबगंज से विधायक केसर सिंह गंगवार का भी कोरोना से निधन हो गया था।यूपी में बीते 24 घंटों में कोरोना के 26780 नए केस सामने आए हैं और इस अवधि में 353 मरीजों की मौत भी हुई है, इसके बाद राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 14,25,916 पहुंच गई है और 2,59,844 एक्टिव केस है ।वही अब तक 14,501 लोगों की मौत हो चुकी है।

ऐसा रहा राजनीतिक सफर

रायबरेली के सलोन विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक।
एक बार समाज कल्याण राज्य मंत्री रहे।
वह 1990 में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े और दो बार जेल गए।
1991 में उन्हें टिकट मिला, लेकिन वह चुनाव हार गए।
पहली बार 1996 में सलोन विधानसभा से विधायक बने और राजनाथ सिंह के मुख्यमंत्री काल में मंत्री बनाए गए।
2004 में दल बहादुर कोरी कांग्रेस में शामिल हुए लेकिन 2014 में फिर बीजेपी में वापसी।
2017 में बीजेपी के टिकट से सलोन सीट से लड़े और जीतें।