Delhi: पूजा खेडकर, बर्खास्त ट्रेनी आईएएस अधिकारी, आज दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई का सामना करेंगी। इससे पहले 28 अगस्त को अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। यह रोक आज समाप्त होने जा रही है। खेडकर पर एक फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र की आधार पर आईएएस बनने का आरोप है।
दरअसल, पूजा ने यूपीएससी (UPSC) द्वारा अपने चयन को रद्द किए जाने की फैसले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। जब 28 अगस्त को सुनवाई हुई थी तब पूजा ने कोर्ट में यह बताया कि यूपीएससी (UPSC) के पास उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। उनका यह भी कहना है कि चयन प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी या अनुचित निर्णय नहीं हुआ है।
पूजा ने CSE 2022 के नियमों का किया उल्लंघन
पूजा के जवाब पर विचार करने और नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दिल्ली पुलिस ने ज्यादा समय की मांग की। इस पर प्रतिक्रिया करते हुए जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने पुलिस को निर्देश दिया कि जब तक मामले की आगे की कार्यवाही लंबित है, तब तक खेडकर को गिरफ्तार न किया जाए।
आपको बता दें, यूपीएससी (UPSC) ने 31 जुलाई को पूजा का चयन रद्द कर दिया और भविष्य में किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगा दी थी। यानी वह आगे चलकर न सिर्फ यूपीएससी बल्कि कोई भी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगी। जब आयोग द्वारा दस्तावेजों की जांच की गई तो पाया गया की पूजा ने CSE 2022 के नियमों का उल्लंघन किया था। इसके बाद यूपीएससी ने दिल्ली पुलिस में मामले की शिकायत दर्ज कराई जिसमें पूजा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
पूजा पर लगे ये गंभीर आरोप
पूजा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें से तय सीमा से अधिक बार सिविल सर्विसेज परीक्षा देने का आरोप भी शामिल है। अधिक जानकारी के लिए आपको बता दें, कि दिव्यांग केटेगरी से कैंडिडेट्स को 9 बार परीक्षा देने की इजाजत होती है जबकि जनरल केटेगरी से 6 बार परीक्षा देने की इजाजत होती है। इतना ही नहीं पूजा पर गलत उम्र, सरनेम बदलने, माता-पिता की गलत जानकारी देने और गलत तरीके से आरक्षण का लाभ उठाने के भी गंभीर आरोप लगे हैं। CSE 2022 में पूजा को 841वीं रैंक प्राप्त हुई थी और वह 2023 बैच की ट्रेनी IAS के रूप में जून 2024 से पुणे में ट्रेनिंग कर रही थी। इन आरोपों के चलते, उनके चयन पर सवाल उठ रहे हैं और मामले की जांच की जा रही है।