फरवरी में कर्मचारियों को मिल सकती है ये गुड न्यूज, होगा बड़ा लाभ! जानें ताजा अपडेट

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Private Employees News 2023: आज मंगलवार 31 जनवरी 2023 से संसद का बजट सत्र  शुरू हो गया है, जो 6 अप्रैल तक चलेगा और कुल 27 बैठकें होंगी। आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी, इसके बाद बुधवार को 1 फरवरी को  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) केन्द्र की मोदी सरकार का आम बजट पेश करेंगी, इसमें हर वर्ग को सौगात मिलने की उम्मीद है। खबर है कि इसमें सरकारी कर्मचारियों की तरह प्राइवेट कर्मचारियों को भी बड़ा तोहफा मिल सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बजट में नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System – NPS) में कर्मचारियों को मिलने वाली टैक्स कटौती की सीमा को बढ़ाया जा सकता है। इसे सरकारी कर्मचारियों के बराबर करने का अनुमान है। संभावना जताई जा रही है कि नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) की लिमिट बढ़ाकर सरकारी कर्मचारियों के बराबर 14 फीसदी की जा सकती है।

क्या होगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्राइवेट कर्मचारियों को अपनी रिटायरमेंट की प्लानिंग करने में मदद मिलेगी। हाल ही में जी बिजनेस के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी ने भी वित्त मंत्री से प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में डिडक्शन लिमिट 10% से 14% बढ़ाने की मांग की थी। वर्तमान में सरकारी कर्मचारी आईटी एक्ट के सेक्शन 80सीसीडी (2) के तहत एनपीएस में बेसिक सैलरी के 14 फीसदी तक बढ़े हुआ डिडक्शन के लिए इलिजिबल होते हैं। फिलहाल प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए लिमिट सिर्फ 10 फीसदी है।

 एनपीएस को ऐसे समझें

  • शनल पेंशन सिस्टम ट्रस्ट के तहत संचालित नेशनल पेंशन सिस्टम सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक निवेश योजना है ।
  • यह सब्सक्राइबर को विभिन्न एसेट क्लास के लिए पसंदीदा अलोकेशन तय करने का विकल्प देती है।
  • एनपीएस दो प्रकार के खाते टीयर-1 और टीयर-2 की पेशकश करता है।
  • इस योजना को साल 2004 में केंद्र सरकार की ओर से शुरू किया गया था।
  • यह एक वॉलंट्री रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है। इसे पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) रेगुलेट करता है।

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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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