आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। सत्र शुरु होने से पहले बसमा सुप्रीमो मायावती का सभी दलों से आग्रह किया है कि हमारी पार्टी चाहती है कि संसद के दोनों सत्र सुव्यवस्थित व शान्तिपूर्ण तरीक़े से संचालित हों, ताकि देश व जनहित के ज़रूरी और अहम मुद्दों पर सही तरह से चर्चा हो सके और इनका उचित समाधान निकलने की दिशा में सार्थक प्रयास हो सके।
यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें दोनों सदन लोकसभा व राज्यसभा में 15 बैठकें होगी। शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन से राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। लोकसभा में में जैसे ही सवाल-जवाब का दौर शुरू हुआ, विपक्ष ने एसआईआर को लेकर जमकर हंगामा किया। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण, बीएलओ की समस्याओं और मतदाता अधिकारों को लेकर चर्चा की मांग की है।
मायावती की सदन में सार्थक चर्चा करने की अपील
बीएसपी प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि उनकी पार्टी चाहती है कि इस सत्र में सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप न हों, बल्कि देश व जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी चाहती है कि संसद के दोनों सत्र सुव्यवस्थित व शान्तिपूर्ण तरीक़े से संचालित हों, ताकि देश व जनहित के ज़रूरी और अहम मुद्दों में भी ख़ासकर राजधानी दिल्ली आदि में वायु प्रदूषण के कारण आ रही भारी परेशानी तथा वोटर लिस्ट के सघन रिवीज़न अर्थात् एस.आई.आर. को लेकर व्यावहारिक तौर पर हो रही परेशानियों एवं आपत्तियों व इस कार्य के मुख्य कर्ताधर्ता बीएलओ की दिक्कतों तथा उनके द्वारा की जा रही ख़ुदकुशी आदि की दुखद घटनाओं पर सही से चर्चा हो सके और इनका उचित समाधान निकलने की दिशा में सार्थक प्रयास हो सके।
सत्ता और विपक्ष से किया आग्रह
मायावती ने कहा कि संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर संवेदनशील व गंभीर रवैया अपनाना चाहिए, ताकि राजधानी दिल्ली व अन्य हिस्सों में वायु प्रदूषण की वजह से जनता को हो रही परेशानी और मतदाता सूची के रिवीजन की वजह से हो रही दिक्कतों का समाधान मिल सके। उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप लगाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने आग्रह किया कि व्यापक देश व जनहित साधने हेतु संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिये सत्ता और विपक्ष दोनों को राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर पूरी तरह से संवेदनशील एवं गंभीर होने की ज़रूरत है।
संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसके हर सत्र की तरह इस बार भी काफी हंगामेदार होने की संभावना व्यक्त की जा रही है, किन्तु हमारी पार्टी चाहती है कि संसद के दोनों सत्र सुव्यवस्थित व शान्तिपूर्ण तरीक़े से संचालित हों, ताकि देश व जनहित के ज़रूरी और अहम मुद्दों में भी…
— Mayawati (@Mayawati) December 1, 2025






