पृथ्वी से टकराएगा Solar Storm! 16 लाख KMPH रफ्तार से बढ़ रहा आगे, इन पर डाल सकता है असर

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इसके कारण सैटेलाइट सिग्नल बाधित (Solar Storm Effects) हो सकते हैं।

Solar Storm

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। पृथ्वी (Earth) पर एक बार फिर खतरा मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है।इसका कारण अतंरिक्ष से धरती की ओर तेज गति के साथ आता भीषण और शक्तिशाली सौर तूफान (Solar Storm 2021) है, जो 1609344 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। संभावना जताई जा रही है कि यह रविवार-सोमवार के बीच कभी भी धरती से टकरा सकता है, जिसके चलते कई सैटेलाइट सिग्नल प्रभावित हो सकते है।

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वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इसके कारण सैटेलाइट सिग्नल बाधित (Solar Storm Effects) हो सकते हैं। विमानों की उड़ान, रेडियो के सिग्नल और मौसम पर भी प्रभाव पड़ सकता है। संभावना जताई जा रही है कि इस सौर तूफान की वजह से पूरी दुनिया में बिजली (Electricity) गुल हो सकती है। Mobile, TV, Radio आदि तमाम इलेक्ट्रोनिक उपकरण काम करना बंद कर देंगे। वहीं जो लोग उत्तरी या दक्षिणी अक्षांशों पर रहते हैं, उन्हें रात के वक्त खूबसूरत ऑरोरा दिखाई दे सकता है। ऑरोरा ध्रुव के पास रात के समय आसमान में चमकने वाली रोशनी को कहते हैं ।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, US स्पेस एजेंसी NASA का कहना है कि इसकी रफ्तार बढ़ भी सकती है। तूफान धरती से रविवार या सोमवार को किसी भी समय टकरा सकता है। Spaceweather.com वेबसाइट के मुताबिक, यह सौर तूफान सूरज के वायुमंडल से पैदा हुआ है। इसकी चुंबकीय शक्ति की वजह से पृथ्वी की चुंबकीय क्षेत्र के प्रभुत्व वाले अंतरिक्ष में काफी प्रभाव देखने को मिल सकता है।  धरती की मैग्नेटिक फील्ड पर तूफान का गहरा असर पड़ सकता है। इससे रात में आसमान लाइटिंग से जगमगा उठेगा। यह नजारा नॉर्थ या साउथ पोल पर दिखेगा।

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बता दे कि यह पहला मौका नहीं है, जब ऐसा (Solar Storm) होने जा रहा है। इसके पहले 1582 में एक तूफान आया था, जिससे लोगों को लगा था कि दुनिया अब खत्म हो जाएगी।वही 1859 में जियोमैग्‍नेटिक तूफान (Geomagnetic Storm) आया था, जिसने यूरोप और अमेरिका (USA) में टेलिग्राफ नेटवर्क को नष्ट कर दिया था।इसके अलावा 1989 में भी यही घटना हुई थी, उस समय तूफान के कारण कनाडा के क्यूबेक शहर की बिजली करीब 12 घंटे के लिए चली गई थी, जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।