नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। आजकल शायद अवैध हथियार रखना या खरीदना काफी सस्ता हो गया है तभी तो बच्चे भी इसका इस्तेमाल करने लगे है। देश से कई बार ऐसी घटनाएं सामने आई है, जहां बच्चों के पास अवैध हथियार पाए गए है। इसी कड़ी में अब ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज से सामने आया है, जहां स्कूल टीचर की पिटाई से एक 10वी का छात्र इतना गुस्सा हो गया कि वह स्कूल में अपने स्कूल अवैध असलहा लेकर पहुंच गया। लेकिन स्कूल में चेकिंग के दौरान वह पकड़ा गया, जिसके बाद स्कूल के टीचर उस लड़के को थाने लेकर पहुंचे। फिलहाल, लड़का पुलिस की कस्टडी में है, जहां वह उससे अवैध कट्टे की जानकारी जुटाने में लगे हुए है।
मामला प्रागराज के सोरांव थाना इलाके का है, 15 साल का लड़का अब्दालपुर खास में एक स्कूल में कक्षा 10वीं में पढ़ता है। जब उसके बैग से देसी कट्टा निकला तो ये देखकर स्कूल में हड़कंप मच गय। जिसके बाद टीचरों ने लड़के को पकड़ा और थाने लाकर पुलिस को सुपुर्द कर दिया। पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है।

ये भी पढ़े … हॉन्ग कॉन्ग को हराकर सुपर-4 में जगह बनाना चाहेगी भारतीय टीम
थाना इंचार्ज अशोक कुमार ने कहा कि लड़के से अवैध असलहे के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक पता चला है कि छात्र को स्कूल में किसी बात को लेकर टीचर ने खूब डांट लगाई थी और सबके सामने मुर्गा भी बना दिया था, जिससे वो नाराज था और दूसरे दिन बैग में कट्टा लेकर टीचर को धमकाने पहुंचा था। पुलिस की पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी लड़के ने यह अवैध हथियार दूसरे लड़के से खरीदा था। पुलिस ने दोनों लड़कों को हिरासत में ले लिया है। दोनों आरोपितों के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया गया है।
फेल होने पर शिक्षक को बांधकर पीटा
हालांकि, टीचर को धमकाने का देश में ये पहला मामला नहीं है, उस समय भी शिक्षा और संस्कारो को शर्मसार होना पड़ा था, जब झारखंड के दुमका में कुछ छात्रों ने फेल होने पर शिक्षक को बांधकर पीटा था। जानकारी के मुताबिक, गोपीकांदर अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रों ने असिस्टेंट टीचर कुमार सुमन और क्लर्क सोनेराम चौड़े को आम के पेड़ से बांधकर मारपीट की।
ये भी पढ़े … बप्पा की भक्ति में डूबे वार्नर, भारतीय खिलाड़ियों ने भी दी बधाई
बेशर्मी की हद्द तो तब हो गई, जब छात्रों ने मारपीट का वीडियो भी बनाया है, जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। छात्रों ने टीचर पर आरोप लगाया कि उन्हें प्रैक्टिकल में नंबर नहीं दिए गए, जिसके कारण वे लोग फेल हो गए।