Transfer News : सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर, अब इस तारीख तक हो सकेंगे तबादले, प्रस्ताव तैयार, ऐसे मिलेगा लाभ

इससे पहले तबादला एक्ट के तहत 10 जून तक तबादला आदेश जारी करने की अंतिम तिथि थी, लेकिन अधिकतर विभाग तय तिथि तक तबादला आदेश जारी नहीं कर पाए थे, ऐसे में डेट को एक महीने आगे बढ़ाया गया है।

Pooja Khodani
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Employees Transfer News: उत्तराखंड के सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने तबादला एक्ट के तहत तबादला आदेश जारी करने की अंतिम तिथि को एक महीने के लिए  बढ़ा दी है।अब प्रदेश में कर्मचारियों के तबादले 10 जुलाई तक हो सकेंगे।पहले इसकी लास्ट डेट 10 जून थी। हालांकि अधिकारिक आदेश जारी होना बाकी है।

अब 10 जुलाई तक हो सकेंगे तबादले

जानकारी के अनुसार, हाल ही में सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तबादलों की अवधि को बढ़ाने को लेकर फैसला लिया गया। इसके बाद कार्मिक विभाग ने इस निर्णय के संबंध में प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के लिए भेज दिया।  लिहाजा, एक दो दिन के अंदर तबादले से जुड़ा नया आदेश जारी किया जाएगा। इससे 15 हजार से अधिक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इससे पहले तबादला एक्ट के तहत 10 जून तक तबादला आदेश जारी करने की अंतिम तिथि थी, लेकिन अधिकतर विभाग तय तिथि तक तबादला आदेश जारी नहीं कर पाए थे, ऐसे में डेट को एक महीने आगे बढ़ाया गया है।

इस तरह होंगे तबादले

  • अपर सचिव कार्मिक ललित मोहन रयाल के मुताबिक,   सभी विभागों को तबादलों के लिए 10 जुलाई तक का समय दिया गया है। जिन विभागों की ओर से तबादलों के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, वे  तय तिथि से पहले कभी भी तबादला आदेश जारी कर सकते हैं। जिन विभागों में तबादला आदेश जारी कर दिया गया है, उन विभागों के तबादले मान्य होंगे।
  • सभी विभाग तबादलों के लिए समिति का गठन करेंगे। हर संवर्ग के लिए सुगम, दुर्गम क्षेत्र के कार्यस्थल और खाली पदों की सूची जारी की जाएगी। अनिवार्य तबादलों के लिए पात्र कर्मचारियों से 10 इच्छित स्थानों के विकल्प लिए जाएंगे। प्राप्त विकल्पों और आवेदन पत्रों का विवरण वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा और फिर तबादले किए जाएंगे।

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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