आज लोकसभा में दोपहर 12:00 बजे वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा। इस बिल को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पेश करेंगे। बिल पर चर्चा करने के लिए 8 घंटे का लंबा समय रखा गया है, जबकि सरकार की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि अगर सदन की सहमति होती है तो चर्चा के लिए समय को और भी बढ़ाया जा सकता है। आज बिल पेश होने के बाद सरकार की ओर से चर्चा में जवाब दिया जाएगा।
वहीं, सत्ता पक्ष भाजपा द्वारा अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर दिया गया है। सभी को सदन में मौजूद रहने के लिए आगाह किया गया है, वहीं दूसरी ओर अन्य दलों ने भी सांसदों को व्हिप जारी किया है, जिसमें TDP और JDU भी शामिल हैं।

विपक्ष की क्या है मांग?
बता दें कि इस बिल के विरोध में विपक्ष पूरी तरह से खड़ा हुआ है। तमिलनाडु की AIADMK, नवीन पटनायक की बीजू जनता दल और के चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति जैसी न्यूट्रल पार्टियां भी वक्फ बिल के विरोध में हैं। इसे लेकर INDIA ब्लॉक के दलों ने संसद भवन में बैठक की और इस बिल पर अपनी रणनीति को लेकर भी नेताओं ने चर्चा की। कांग्रेस की ओर से अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया गया है। विपक्ष की ओर से मांग की जा रही है कि बिल पर चर्चा करने के समय को बढ़ाया जाए और इसे 12 घंटे किया जाए। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यह साफ कर दिया है कि समय को बढ़ाया जा सकता है। उनके मुताबिक, देश को भी यह जानना चाहिए कि किस पार्टी का क्या स्टैंड है।
कैसे पास हो सकता है बिल?
संसद के नंबर गेम को समझा जाए तो वक्फ संशोधन बिल आंकड़ों के हिसाब से पास हो सकता है। दरअसल, INDIA गठबंधन के पास आंकड़ों में ज्यादा ताकत है। लोकसभा में कुल 543 सांसद हैं, जिसमें से एनडीए के पास 294 सांसद हैं, जबकि INDIA गठबंधन के पास 234 और 14 अन्य सांसद हैं। हालांकि, एनडीए सरकार TDP और JDU के 28 सांसदों पर निर्भर कर रही है, जबकि पश्चिम बंगाल की बशीरहाट सीट खाली है। अगर सरकार को यह बिल पास करवाना है तो 272 सांसदों का समर्थन जरूरी है। जबकि राज्यसभा पर नजर डालें तो राज्यसभा में 236 सांसद हैं। एनडीए सरकार के पास कुल 121, जबकि कांग्रेस के पास 85 और 30 अन्य हैं। यहां पर भी सरकार 6 नॉमिनेटेड मेंबर्स पर निर्भर करेगी। अगर राज्यसभा में बिल पास करवाना है तो सरकार को 119 सांसदों का समर्थन जरूरी है।