जानें कब है सावन की पहली एकादशी, ये है तिथि और शुभ मुहूर्त

सावन के कृष्ण पक्ष की एकादशी (Ekadashi) को कामिका एकादशी (Kamika Ekadashi) के नाम से पहचाना जाता है। इस साल यह एकादशी सावन के पहले सोमवार के बाद यानी 24 जुलाई के दिन रविवार को आ रही है।

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सावन (Sawan) का पवित्र महीना शुरू हो चुका है ऐसे में आज शाम का दूसरा दिन है। हिंदू धर्म में सावन का काफी ज्यादा महत्व माना जाता है। यह महीना शिवजी का बेहद प्रिय महीना है। इस महीने में शिवजी और पार्वती का मिलन हुआ था। ऐसे में इस महीने में मांगी गई सभी मनोकामनाएं भोलेनाथ पूरी करते हैं। इस महीने में आ रहे व्रत और त्योहारों का अपना अलग महत्व है।

जानकारी के मुताबिक सावन के कृष्ण पक्ष की एकादशी (Ekadashi) को कामिका एकादशी (Kamika Ekadashi) के नाम से पहचाना जाता है। इस साल यह एकादशी सावन के पहले सोमवार के बाद यानी 24 जुलाई के दिन रविवार को आ रही है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत करने का काफी ज्यादा महत्व माना जाता है। साथ ही इस दिन तीर्थ में स्नान करने का भी काफी पुण्य मिलता है।

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कहा जाता है कि कामिका एकादशी के दिन उपवास करने से व्यक्ति के जीवन की सारी परेशानियां दूर होती है। साथ ही पापों से भी मुक्ति मिलती है। इसके अलावा इस एकादशी के व्रत को करने से ब्रह्महत्या के दोष से भी छुटकारा पाया जा सकता है। इस एकादशी के व्रत करने वाले व्यक्ति पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। इतना ही नहीं कहा जाता है कि मृत्यु के बाद इन लोगों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। आज हम आपको इस एकादशी की तिथि और पूजा मुहूर्त का समय बताने जा रहे हैं तो चलिए जानते हैं –

कामिका तिथि –

हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार 24 जुलाई के दिन कामिका एकादशी आ रही है। यह एकादशी प्रातः काल से वृद्धि योग में शुरू होगी जो कि दोपहर 2:02 तक रहेगी। उसके बाद ध्रुव योग लग जाएगा। जानकारी के मुताबिक, रात 10:00 बजे से अगले दिन की सुबह 5:38 तक पुष्कर योग रहेगा। उसके बाद रोहिणी नक्षत्र और फिर मृगशिरा नक्षत्र रहेगा। बताया गया है कि काम ही एकादशी के दिन शाम 5:35 से लेकर शाम 7:17 तक राहुकाल रहेगा। इतना ही नहीं इस दिन उपवास रखने वाले भक्तों पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। ऐसे में भक्तों को भगवान विष्णु की पूजा सुबह से ही कर लेनी चाहिए।

खास बात यह है कि इस एकादशी के व्रत में पारण का समय भी काफी ज्यादा महत्व रखता है। दरअसल अगर नियम अनुसार पारण न किया जाए तो व्यक्ति का व्रत सफल नहीं माना जाता है। ऐसे में इस दिन व्रत रखने वाले जातकों को 25 जुलाई को व्रत का पारण करना होगा बताया गया है कि व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही शुभ मुहूर्त में किया जाता है, ऐसे में पारण का समय सुबह 5:30 से लेकर 8:22 तक रहेगा।