Sunday Special: इन कार्यों से दूर होंगे सभी कष्ट, चमकेगा भाग्य

Sunday Special: रविवार, भगवान सूर्य का दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। यहाँ कुछ कार्य दिए गए हैं जो आप रविवार के दिन भगवान सूर्य की कृपा प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं।

भावना चौबे
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Sunday Special: रविवार, हिंदू धर्म में प्रचंड ऊर्जा के स्रोत, सूर्य देव की उपासना का पवित्र दिन माना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त रविवार के दिन व्रत रखते हैं और सच्ची श्रद्धा के साथ भगवान सूर्य की पूजा करते हैं, उन्हें अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। सूर्य को शक्ति, स्वास्थ्य और सफलता का प्रतीक माना जाता है, और उनका आशीर्वाद मंगलकारी माना जाता है। माना जाता है कि रविवार के दिन उनकी पूजा और सूर्य अष्टक स्तोत्रम् का पाठ करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता आती है।

रविवार का महत्व

रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा करने का विशेष विधान है। सूर्योदय से पहले उठकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। सूर्य मंत्र का जाप करना चाहिए और सूर्य स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। रविवार का व्रत रखने से भी भगवान सूर्य प्रसन्न होते हैं। इस व्रत में रविवार के दिन केवल एक बार भोजन ग्रहण करना चाहिए। सूर्य देव को अर्घ्य देना और सूर्य मंत्र का जाप करना चाहिए। रविवार के दिन सूर्य देव से संबंधित वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। जैसे कि तांबा, लाल कपड़ा, गेहूं या गुड़। रविवार के दिन सूर्य नमस्कार करना भी बहुत लाभकारी होता है। सूर्य नमस्कार से शरीर स्वस्थ रहता है और मन शांत होता है।

सूर्य दर्शन

सूर्योदय से पहले उठकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, अक्षत और चावल रखकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। सूर्य मंत्र का जाप करें। सूर्य देव को स्तुति करें।

सूर्य पूजा

सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें। स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थान को साफ कर लें। भगवान सूर्य की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा को फूल, माला, चंदन, रोली, अक्षत और फल अर्पित करें। धूप जलाएं और घी का दीपक जलाएं। सूर्य देव के स्तोत्र का पाठ करें। सूर्य मंत्र का जाप करें। भगवान सूर्य से अपनी मनोकामना प्रार्थना करें। अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

॥सूर्य अष्टक स्तोत्रम्॥

नमः सवित्रे जगदेकचक्षुषे जगत्प्रसूतिस्थितिनाश हेतवे ।

त्रयीमयाय त्रिगुणात्मधारिणे विरञ्चि नारायण शंकरात्मने ॥॥

यन्मडलं दीप्तिकरं विशालं रत्नप्रभं तीव्रमनादिरुपम् ।

दारिद्र्यदुःखक्षयकारणं च पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥॥

यन्मण्डलं देवगणै: सुपूजितं विप्रैः स्तुत्यं भावमुक्तिकोविदम् ।

तं देवदेवं प्रणमामि सूर्यं पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥॥

यन्मण्डलं ज्ञानघनं, त्वगम्यं, त्रैलोक्यपूज्यं, त्रिगुणात्मरुपम् ।

समस्ततेजोमयदिव्यरुपं पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥॥

यन्मडलं गूढमतिप्रबोधं धर्मस्य वृद्धिं कुरुते जनानाम् ।

यत्सर्वपापक्षयकारणं च पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥॥

यन्मडलं व्याधिविनाशदक्षं यदृग्यजु: सामसु सम्प्रगीतम् ।

प्रकाशितं येन च भुर्भुव: स्व: पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥॥

यन्मडलं वेदविदो वदन्ति गायन्ति यच्चारणसिद्धसंघाः ।

यद्योगितो योगजुषां च संघाः पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥॥

यन्मडलं सर्वजनेषु पूजितं ज्योतिश्च कुर्यादिह मर्त्यलोके ।

यत्कालकल्पक्षयकारणं च पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥॥

यन्मडलं विश्वसृजां प्रसिद्धमुत्पत्तिरक्षाप्रलयप्रगल्भम् ।

यस्मिन् जगत् संहरतेऽखिलं च पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥॥

यन्मडलं सर्वगतस्य विष्णोरात्मा परं धाम विशुद्ध तत्त्वम् ।

सूक्ष्मान्तरैर्योगपथानुगम्यं पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥ ॥

यन्मडलं वेदविदि वदन्ति गायन्ति यच्चारणसिद्धसंघाः ।

यन्मण्डलं वेदविदः स्मरन्ति पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥॥

यन्मडलं वेदविदोपगीतं यद्योगिनां योगपथानुगम्यम् ।

तत्सर्ववेदं प्रणमामि सूर्य पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥॥

मण्डलात्मकमिदं पुण्यं यः पठेत् सततं नरः ।

सर्वपापविशुद्धात्मा सूर्यलोके महीयते ॥ ॥

॥ इति श्रीमदादित्यहृदये मण्डलात्मकं स्तोत्रं संपूर्णम् ॥

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)

 


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं। मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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