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उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। आज 80 दिन बाद महाकालेश्वर मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। कोरोना के कारण 9 अप्रैल से मंदिर में प्रवेश बंद था। मंदिर को दर्शनों के लिए खोल देने के साथ ही कोविड गाइडलाइन भी जारी की गई है। इन नियमों के पालन के साथ ही श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा। पहले दिन मंदिर खुलने पर श्रद्धालुओं को मास्क लगाने जागरूक करने के लिए उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया भी महाकाल मंदिर पहुंचे और उन्होंने परिसर में श्रद्धालुओं को माइक से अनाउंसमेंट कर मास्क पहनने की अपील की

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कोरोना की दूसरी लहर के चलते महाकाल मंदिर में दर्शनों पर रोक लगा दी गई थी। इस रोक के तहत मंदिर में केवल पुजारी पूजा अर्चना कर रहे थे और आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी थी। जैसे-जैसे कोरोना का कहर खत्म होता जा रहा है और उज्जैन में कोरोना लगभग समाप्त होने की स्थिति में है, इसलिए मंदिर प्रशासन ने निर्णय लिया और श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए महाकाल के पट आज जून से खोल दिए गए हैं। इसी के साथ गााइडलाइन भी जारी की गई है जिसके पालन के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश मिल सकेगा।

दर्शनों की नई व्यवस्था अब केवल ऑनलाइन स्लॉट की बुकिंग के माध्यम से ही होगी। दर्शन करने के इच्छुक श्रद्धालुओं को अपना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाना होगा और यदि उसने वैक्सीनेशन नहीं कराया है तो ऐसी स्थिति में उसे 24 से 48 घंटे पहले की RTPCR रिपोर्ट दिखानी होगी। एक समय में मंदिर में 6 से अधिक लोग दर्शन नहीं कर सकेंगे, इसकी व्यवस्था भी की गई है। मंदिर में दर्शन करने वाले सभी श्रद्धालुओं को मास्क लगाना आवश्यक होगा और उसके साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग की पाबंदी भी लागू रहेगी। मंदिर प्रशासन भी इस बात के पुख्ता इंतजाम करेगा कि किसी भी तरह से कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हो पाए। साथ ही मंदिर परिसर में सैनेटाइजर आदि की व्यवस्था भी मंदिर प्रशासन का दायित्व होगा। यदि किसी भी तरह से कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसकी सारी जिम्मेदारी मंदिर प्रशासन की होगी। कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले श्रद्धालुओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।