WhatsApp मैसेज को आचार संहिता उल्लंघन बता मांगी रिश्वत, स्वीप प्रभारी रंगेहाथों गिरफ्तार

खंडवा।

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में लोकायुक्त की टीम ने एक कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहां एक  मतदाता जागरूकता अभियान के नोडल अधिकारी  को टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।आरोप है कि अधिकारी एक शिक्षक से सरकारी ग्रुप में गलती से सेंड हुए मैसेज को आचार संहिता उल्लंघन बताकर रिश्वत मांग रहा था। आरोपी अधिकारी के खिलाफ लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार, जिले के छैगांवमाखन ब्लॉक के मतदाता जागरूकता अभियान के नोडल अधिकारी आनंद शुक्ला  ने व्हॉट्सएप पर राजनीतिक मैसेज करने पर शासकीय माध्यमिक शाला खैगावड़ा के उच्चश्रेणी शिक्षक गयाप्रसाद राय से 30 हजार रुपए रिश्वत की मांगी थी। रुपए नहीं देने पर केस दर्ज करवाने की धमकी दी थी। डर के चलते राय उसे पहले तो 10 हजार रुपए दिया लेकिन फिर भी वह अधिकारी शेष रुपए देने के लिए धमका रहा था।परेशान होकर शिक्षक ने इसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त डीएसपी एसएस यादव से की।जिसके बाद टीम ने योजना बनाकर अधिकारी को बाकी के दस हजार लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया। 

लोकायुक्त डीएसपी एसएस यादव के मुताबिक, 24 मार्च को गयाप्रसाद ने जन शिक्षा केंद्र डुल्हार नाम से बने व्हॉट्सएप ग्रुप में राजनीतिक मैसेज पोस्ट किया था। हालांकि गयाप्रसाद का कहना है कि मैसेज उनके बेटे ने गलती से पोस्ट किया था। ग्रुप में मैसेज देख शुक्ला ने गयाप्रसाद को फोन कर कहा कि मैसेज कर उसने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। उस पर केस दर्ज किया जा सकता है। बचना हो तो खंडवा आकर मिलो। इस पर 25 मार्च को गयाप्रसाद शुक्ला से मिले। शुक्ला ने मामला रफा-दफा करने के लिए 30 हजार रुपए मांगे। गयाप्रसाद ने बाद में रुपए की व्यवस्था करने की बात कही, लेकिन शुक्ला के फोन आते रहे। इसी बीच 20 अप्रैल को पंधाना एसडीएम कार्यालय से गयाप्रसाद को नोटिस जारी हो गया। इसमें मैसेज को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। नोटिस मिलने पर शुक्ला ने फिर से फोन कर 30 हजार रुपए मांगे और कहा कि अब भी समय है, रुपए दे दो। मामला यहीं निपट जाएगा। परेशान गयाप्रसाद ने लोकायुक्त की मदद ली और शुक्ला को पकड़वा दिया।


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